यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान

मौसम के बदलाव से फसलों को मिली नयी जान

गोड्डा जिले में किसान यूरिया खाद की तलाश में बाजार-हाट का चक्कर लगा रहे हैं. उन्हें खाद उपलब्ध हो भी तो महंगे दामों में मिल रही है. अधिकांश जगहों पर कालाबाजारी में यूरिया 450 रुपये से अधिक में बेची जा रही है. विभागीय दावों के बावजूद किसानों को जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल पा रही है. गोड्डा जिले में करीब 64,000 हेक्टेयर में रबी फसल की खेती की गयी है. किसान फसल बोआई के बाद सिंचाई करके रासायनिक यूरिया खाद खेत में देते हैं ताकि फसल का रंग पीला न हो और पौधे अधिक उपज देने में सक्षम हों. विभाग ने इफको के अलावा जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में कई अनुज्ञप्तिधारी खाद विक्रेताओं को खाद वितरण के लिए अधिकृत किया है, लेकिन किसानों में निराशा बनी हुई है. किसान मुनेश्वर प्रसाद मंडल, पंकज यादव, फोटोलाल यादव, लक्ष्मण मंडल, ब्रजमोहन महतो, भागवत मंडल और मान सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में सिंचाई तो चल रही है, लेकिन यूरिया की कमी के कारण फसलों में वृद्धि और उपज प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है. वहीं दूसरी ओर गोड्डा जिले में ठंड ने जोरदार दस्तक दी है. तापमान गिरने से रबी फसलों की सेहत में सुधार की उम्मीद जगी है. किसानों का कहना है कि अब फसलों की बढ़वार बेहतर होगी. पहले ठंड कम पड़ने के कारण बोआई के बाद पौधों की वृद्धि रुक गई थी, लेकिन बीते 15 दिनों से मौसम में बदलाव आया है, जिससे फसलों को नयी जान मिली है. इस वर्ष किसानों ने गेहूं के साथ चना, सरसों, मटर और मसूर आदि की बुवाई की है. ठंड बढ़ते ही खेतों में पहली सिंचाई शुरू हो गयी है. इसी के साथ खाद की मांग में भी तेजी आयी है. बोआई के समय एनपीके और डीएपी की उपलब्धता में परेशानी हुई थी. अब पहली सिंचाई के दौरान यूरिया की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गयी है.

क्या कहते हैं अधिकारी

जिले में यूरिया खाद की मांग जितनी है, उतनी विभिन्न कंपनियों द्वारा आपूर्ति नहीं की जा रही है. किसानों को खेतों में नैनो यूरिया डालने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है. फिलहाल यूरिया की किल्लत दो-तीन दिन में समाप्त हो जाएगी. रेल यातायात बाधित रहने के कारण खाद का रैक पिछले तीन-चार दिनों से बिहार के झाझा में खड़ा है. यातायात बहाल होते ही रैक दुमका या देवघर स्टेशन पहुंचेगी और उसके बाद खाद की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी.

-अभिजीत शर्मा, जिला कृषि पदाधिकारी, गोड्डाB

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By Sanjeet kumar

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