प्लास्टिक की वजह से पृथ्वी को हो रहा अधिक नुकसान

मानव व पशुओं के लिए सबसे ज्यादा घातक

गोड्डा जिले में पृथ्वी दिवस पर सोमवार को जिला वन पदाधिकारी मौन प्रकाश की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान श्री प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024 के पृथ्वी दिवस का थीम ‘प्लास्टिक पाल्यूशन’ रखा गया है. कहा कि पृथ्वी को सबसे ज्यादा नुकसान प्लास्टिक की वजह से हो रही है. प्लास्टिक व उसका धागा मानव के साथ जीव-जंतुओं के लिए भी हानिकारक है. प्लास्टिक जब सूक्ष्म हो जाता है, तो उससे बड़ी हानि होती है. ऐसा सूक्ष्म धागा खासकर समुद्री जीवों को प्रभावित कर उसे नष्ट कर रहा है. कहा कि प्लास्टिक के सूक्ष्म कणों को जब फूड मेटेरियल को मनुष्य या फिर जानवर इस्तेमाल करते हैं, तो उसके साथ ऐसे तत्व शरीर के अंदर जाकर विभिन्न अंगों को प्रभावित करने का काम करता है. जानकारी देते हुए बताया कि यह मानव व जंतुओं के काफी दुष्प्रभावी है. गांव हो या शहर आज लगातार इसका इस्त��माल हो रहा है. इसके इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है. श्री प्रकाश ने बताया कि यह जलने पर और भी खतरनाक तरीके से पर्यावरण व वायुमंडल काे प्रभावित कर रहा है. प्लास्टिक को धरती में गाड़ दिये जाने के बावजूद यह नष्ट नहीं होता है. रंगीन प्लास्टिक के खतरे के बारे में बताया कि इसके रंग वायुमंडल में कई हानिकारक तत्वों को जन्म देता है. आज जितनी भी समस्या खड़ी है, उसका मूल वजह भी प्लास्टिक ही है. यह आर्थिक मामले पर भी हानि पहुंचाने का काम करता है. श्री प्रकाश ने बचाव के बारे में कहा कि कम से कम प्लास्टिक इस्तेमाल किया जाना चाहिये. उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को सबसे ज्यादा खतरा बताया. कहा कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को हम खतरे में डालने का काम कर रहे हैं.

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By Prabhat khabar news desk

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