प्रतिनिधि, पथरगामा देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी चुआड़ विद्रोह के महानायकशहीद रघुनाथ महतो की 287 वीं जयंती मनायी गयी. प्रखंड की पीपरा पंचायत अंतर्गत होपनाटोला गांव में टोटेमिक कुड़मी विकास मोर्चा के सदस्यों ने तस्वीर पर फूल माला से श्रद्धांजलि दी. मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो ने शहीद रघुनाथ महतो के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहीद रघुनाथ महतो का जन्म 21 मार्च 1738 को राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड के घुटियाडीह गांव में कुड़मी किसान परिवार में हुआ था. रघुनाथ महतो बचपन से ही निर्भिक, क्रांतिकारी और विद्रोही स्वभाव के थे. वे अन्याय व शोषण के खिलाफ खड़े होने में कभी पीछे नहीं हटे. उनका नारा था “अपना गांव, अपना राज, दूर भगाओ विदेशी राज “, जिसने लोगों में स्वतंत्रता की भावना जागृत की. 5 अप्रैल 1778 अमर बलिदान रघुनाथ महतो अपने साथियों के साथ रामगढ़ छावनी को लूटने की योजना बना रहे थे, लेकिन गुप्तचरों की सूचना पर अंग्रेजों ने लोटा गांव में उनके ठिकाने को घेर लिया भीषण युद्ध में में कई साथियों के साथ रघुनाथ महतो शहीद हो गये. आज समाज के सभी लोगों को शहीद रघुनाथ महतो के जीवनी को पढ़ने की जरूरत है. मौके पर रामेश्वर महतो, दीपक कुमार महतो, दिव्यांश कुमार महतो, कलावती महतो, सोनी महतो, प्रिया महतो, दीप्ति श्री महतो आदि मौजूद थे.
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