महागामा प्रखंड के गढ़ी गांव से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां बीबी तबस्सुम खातून अपने तीन छोटे बच्चों के साथ एक जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं. परिवार के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. तबस्सुम खातून के पति, सज्जाद आलम, जो मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते थे, आंध्र प्रदेश में एक दुर्घटना का शिकार हो गये. दुर्घटना के बाद उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वर्तमान में वे सिलीगुड़ी के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. पति के अस्वस्थ होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गयी है. घर में आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बचा है, जिससे बच्चों के पालन-पोषण और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है. ऐसे कठिन हालात में गांव के कुछ लोग आगे आकर चंदा इकट्ठा कर परिवार की मदद कर रहे हैं, लेकिन यह सहायता पर्याप्त नहीं है. बीबी तबस्सुम खातून ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महगामा विधायक एवं सह मंत्री दीपिका पांडेय सिंह तथा जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता, इलाज में सहयोग और परिवार के पुनर्वास की गुहार लगायी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पीड़ित परिवार की स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और हर संभव मदद उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि इस परिवार को राहत मिल सके.
महागामा में दुर्घटना के शिकार मजदूर के परिवार की बढ़ी चिंता
बीबी तबस्सुम तीन बच्चों के साथ झोपड़ी में जीवन यापन को मजबूर, प्रशासन से मदद की गुहार
