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Parno Mitra BJP: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आये ‘सुनामी’ ने उन सितारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, जिन्होंने कभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा था, लेकिन बाद में ‘दीदी’ के करीब जाने के लिए भगवा चोला उतार दिया. तनुश्री चक्रवर्ती, पर्नो मित्रा और कंचना मैत्रा जैसी अभिनेत्रियां अब चर्चा में हैं.
असमंजस में बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्रियां
सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें आज भाजपा छोड़ने का मलाल है? वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली ये अभिनेत्रियां अब बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अपने अगले कदम को लेकर असमंजस में हैं.
तनुश्री और पर्नो कभी मोदी की सेना में थीं, फिर बनायी दूरी
वर्ष 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने टॉलीवुड सितारों पर बड़ा दांव खेला था.
- तनुश्री चक्रवर्ती : हावड़ा के श्यामपुर से भाजपा की उम्मीदवार रहीं तनुश्री ने हार के कुछ समय बाद ही पार्टी से दूरी बना ली थी. उन्होंने राजनीति से संन्यास की बात कही थी, लेकिन बाद में वह टीएमसी के मंचों पर नजर आती रहीं.
- पर्नो मित्रा : उत्तर दमदम से चुनाव लड़ने वाली पर्नो मित्रा ने भी भाजपा छोड़ दी थी. उनके करीबियों का मानना था कि वे टॉलीवुड में अपने करियर को बचाने के लिए ऐसा कर रही हैं, क्योंकि तब सत्ता का केंद्र कालीघाट था.
- कंचना मैत्रा : खामोश हैं, पर सवाल बरकरार है. कंचना ने भाजपा के सक्रिय कार्यक्रमों से खुद को दूर कर लिया था. अब जब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बन चुके हैं, तो इन अभिनेत्रियों के लिए वापसी का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है. भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में इन अवसरवादी फैसलों को लेकर नाराजगी देखी जा रही है.
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Parno Mitra BJP Left: सत्ता परिवर्तन और ‘घर वापसी’ की चर्चा
टॉलीवुड के गलियारों में 3 प्रमुख सवाल तैर रहे हैं- क्या भाजपा इन्हें माफ करेगी? भाजपा की नयी सरकार अब उन चेहरों को तरजीह दे रही है जो संघर्ष के दिनों में पार्टी के साथ खड़े रहे (जैसे रुद्राक्ष और अग्निमित्रा). टॉलीवुड में अब तक टीएमसी समर्थित यूनियनों का कब्जा था. अब सत्ता बदलने से इन अभिनेत्रियों को डर है कि कहीं वे दोनों तरफ से ‘बेघर’ न हो जाएं. कुछ अभिनेत्रियों ने तो भाजपा के शीर्ष नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की भी है, ताकि वे ‘घर वापसी’ कर सकें.
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पाला बदलने वालों के लिए नहीं बिछेगा ‘रेड कार्पेट’
शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में जिस तरह से कट्टर और वफादार नेताओं को जगह मिली है, उसने यह साफ कर दिया है कि नयी सरकार में ‘पाला बदलने’ वालों के लिए फिलहाल रेड कार्पेट नहीं बिछाया जायेगा. पर्नो, तनुश्री और कंचना की खामोशी इस वक्त बहुत कुछ बयां कर रही है.
