प्रतिनिधि, महागामा. महागामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव में अवैध मिनी गन फैक्ट्री के उद्भेदन के बाद पुलिस ने मुख्य अभियुक्त पवन कुमार तुरी समेत तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस ने 19 सितंबर को पवन कुमार तुरी, पथरगामा थाना क्षेत्र के घाट निस्तारा निवासी प्रीतम कुमार और माल रामपुर निवासी इंद्रदेव रविदास को गिरफ्तार किया. अर्धनिर्मित हथियारों के परिवहन में इस्तेमाल जेएच 17 एसी 3032 नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की गयी. मामले में अब तक पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है.
‘पत्तल मशीन’ का बहाना, हथियारों का खेल
एसडीपीओ वरुण रजक ने प्रेस वार्ता में बताया कि पवन तुरी पहले से अवैध मिनी गन फैक्ट्री चला रहा था और भंडाफोड़ के भय से स्थानीय स्तर के बजाय बिहार में हथियारों की सप्लाई करता था. आसपास के लोगों को वह घर में पत्तल बनाने की मशीन लगाने की बात बताता था. मशीन की आवाज दबाने के लिए साउंड बॉक्स का इस्तेमाल किया जाता था.
16 सितंबर को पवन तुरी के घर से हथियार बनाने की मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल, अर्धनिर्मित हथियार, देशी राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किये गये थे.
प्रेस बोर्ड से पहचान, घर से हथियार बरामद
छापेमारी में उसके घर और वाहन से प्रेस अंकित बोर्ड तथा सामाजिक और संगठनात्मक पदों वाले पहचान पत्र मिले. इनमें आरटीआई एक्टिविस्ट, सोशल वर्कर, एंटी करप्शन सदस्य, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट यूथ सेल, भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच और जिला अध्यक्ष मानवाधिकार मिशन आदि अंकित हैं. पुलिस के अनुसार, वह स्वयं को विभिन्न संगठनों का पदाधिकारी और पत्रकार बताता था तथा इसीएल से संबंधित मामलों में आरटीआई के तहत सूचना मांगता था.
लगातार छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था. लगातार छापेमारी और अनुसंधान के क्रम में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार अनुसंधान में सामने आने वाले अन्य नामों पर भी कार्रवाई की जायेगी. टीम में एसडीपीओ वरुण रजक, इंस्पेक्टर उपेंद्र कुमार महतो, थाना प्रभारी अभिनव आनंद, विकास कुमार, सअनि खालिद अहमद खान सहित सशस्त्र बल शामिल थे.
