आंदोलन का आगाज . फ्रंटलाइन के कर्मी अपने ही सुपरवाइजर के खिलाफ उबले, कहा
गोड्डा : सुपरवाइजर की मनमानी व कई मांगों के समर्थन में फ्रंट लाइन के कर्मियों ने सोमवार से आंदोलन शुरू कर दिया है. इन्होंने फैसला किया है कि मंगलवार से सभी हड़ताल पर रहेंगे. जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जायेगा तबतक धरना पर बैठ कर सफाई व्यवस्था बंद रखेंगे. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस मेहतर ने बताया कि फ्रंटलाइन के कर्मियों के साथ अन्याय किया जा रहा है. कंपनी द्वारा सुपरवाइजर को देख रेख के लिए नियुक्त किया गया है.
लेकिन वे देखरेख के बदले मनमानी कर रहे हैं. तीन कर्मी कांग्रेस मेहतर, संजय मेहतर, राकेश कुमार को हटाने की बात कर रहे हैं. इतना ही नहीं काम कर रहे पप्पू मेहतर व कुंदन यादव का मानदेय मनमाने तरीके से बंद कर दिया गया है. सोमवार को सदर अस्पताल परिसर में जुटे सभी कर्मियाें ने चरणबद्ध आंदोलन पर अपनी मुहर लगा दी है. बता दें कि फ्रंटलाइन कंपनी में सभी कर्मी कार्य करते हैं. कंपनी का रिमोट कंट्रोल रांची में है. कंपनी के एक सुपरवाइजर के माध्यम से ही मानदेय आदि सुविधाएं कर्मियों को मुहैया करायी जाती है.
हड़ताल पर गये सदर अस्पताल के सभी सफाई कर्मी
चरणबद्ध करेंगे आंदोलन भूख हड़ताल की धमकी
कर्मियों ने बताया कि सदर अस्पताल में कार्य को ठप कर दिया गया है. सफाई कार्य नहीं की जायेगा. उपरोक्त सभी मांगों के आलोक में चरणबद्ध आंदोलन के तहत हड़ताल, भूख हड़ताल व अस्पताल के पुराने भवन के पास धरना देकर शांतिपूर्ण तरीके से मांगों के समर्थन में बैठे रहेंगे. इस दौरान चंदा देवी, उर्मिला, राकेश, हरि, बिरजु मेहतर, रीता देवी, राजा हरि, राजा मेहतर सहित दर्जनों कर्मी उपस्थित थे.
फ्रंट लाइन के कर्मियों का आरोप
काम करते 30 दिन, मानदेय मिलता 26 दिन का
कर्मियों ने बताया कि सुपरवाइजर द्वारा आठ-आठ घंटे के शिफ्ट में 30 दिन तक काम लिया जाता है. मगर 26 दिन का ही मानदेय दिया जा रहा है.
बताया कि फ्रंटलाइन के सफाई कर्मी करीब चार साल से काम कर रहे हैं. कर्मियों को आई कार्ड तक नहीं दिया गया है. सुरक्षा कर्मियों को टॉर्च, लाठी, जूता, सीटी, सफाई कर्मियों को मास्क, दस्ताना नहीं दिया गया है.
पीएफ की राशि का कोई हिसाब नहीं
बताया कि कर्मियों के पीएफ की राशि कहां जा रही है, यह एक भी कर्मियों को पता नहीं है. कांग्रेस मेहतर की बेटी रूबी कुमारी की शादी होने वाली है, पीएफ की राशि मांगते हैं तो नहीं मिल रहा है. बेटी की शादी करने में कठिनाई हो रही है.
ड्यूटी के क्रम में हाथ टूटा, नहीं दिया गया खर्च
कर्मियों ने बताया कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान कर्मी चंदन मेहतर का ड्यूटी के दौरान बायां हाथ टूट गया. लेकिन कंपनी द्वारा मेडिकल खर्च नहीं दिया गया. जबकि कंपनी को खर्च देना चाहिए था.
