आयोजन . 29 को अष्टमी व 30 को होगी त्रिकाल पूजा
गोड्डा : जिला मुख्यालय से सटे सैदापूर गांव मे मां जगद्धात्री की पूजा को लेकर जोर शोर से तैयारी की जा रही है.पूजा को लेकर मंदिर को सजाने व संवारने का काम किया गया है.पूजा समिति की ओर से जोर शोर से तैयारी की जा रही है.अष्टमी पूजा छठ पूजा के दो दिन बाद होनी है.वहीं मैया के त्रिकाल रूप की पूजा 30 अक्तूबर को नवमी पूजा के दिन होगी. इसी दिन ही मां को हजारों बकरे की बलि दी जाती है. एक ही दिन मैया की तीन-तीन पूजा होती है. इसलिए त्रिकाल पूजा की संज्ञा दी गयी है.
पूजा को लेकर गांव में भक्तिमय माहौल हो गया है. पूजा अर्चना को लेकर गांव में मेला भी लगता है. आसपास क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग पूजा अर्चना को लेकर गांव पहुंचते हैं तथा मैया के दरबार में अपना सिर झुकाते हैं. पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पूजा को लेकर अभी से ही उत्साह है. बताया कि मैया पुत्रदायिनी है.
जो भी सच्चे मन से मां की पूजा अाराधना करता है मां उसे पुत्र प्रदान करती है. यह मान्यता वर्षों से चलती आ रही है. मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर झा हैं. इनके द्वारा ही मां के तीनों रूपों की पूजा संपन्न करायी जाती है.
पूजा समिति ने व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की
दूर-दूर से लोग आते हैं मां का दर्शन करने
मेले में पुख्ता रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने भी शुरू की तैयारी
पुत्रदायिनी हैं मां जगद्धात्री
मां जगद्धात्री की पूजा पुत्र की कामना को लेकर की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इनके दरबार सच्चे मन से अाराधना किये जाने पर पुत्र की प्राप्ति होती है. मन्नतें पूरी होने के लिये ही मां को बकरे की बलि चढ़ाने के लिये दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. सैदापुर में मां को सौ वर्ष पूर्व ही स्थापित किया गया था. तब से लेकर आज तक पूजा अर्चना बहुत ही धूमधाम से की जाती है.
