बंगाली समुदाय की इस परंपरा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया. शाम में पूजा के बाद महिलाओं ने मां काली की प्रतिमा के समक्ष एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मंगलकामना की.
ढाक की थाप और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा
सिंदूर खेला के बाद श्रद्धालुओं ने मां काली की प्रतिमा का विसर्जन किया. विसर्जन यात्रा के दौरान ढाक की थाप और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा. महिलाएं पारंपरिक परिधान में शामिल हुईं और मां काली को नम आंखों से विदाई दी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
