बेंगाबाद व आसपास के गांवों में जलापूर्ति योजना मंगलवार को दूसरे दिन भी ठप रही. जलापूर्ति के ठप रहने से लोगों को नल से पानी नहीं मिल पाया. पानी की आस में बैठे ग्रामीण दिनभर परेशान रहे. ग्रामीणों ने विभाग से इसमें शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है. हालांकि विभाग की ओर से पहले ही बिल नहीं मिलने के कारण जलापूर्ति बंद रखने की बात कही गयी है. इससे ग्रामीणों में निराशा है. बताया जाता है कि बेंगाबाद पंचायत के विभिन्न गांवों में पांच साल पूर्व जलापूर्ति योजना को चालू किया गया था. इस योजना के अब संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय समिति को लेनी थी, लेकिन दांव पेंच में इसे हस्तांतरित नहीं किया गया. पूर्व में भी योजना बाधित हो चुकी थी, लेकिन ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन के बाद पुनः विभाग की देखरेख इसे संचालित किया जाने लगा. जनवरी माह में विभाग ने उपभोक्ताओं को बिल भुगतान करने को कहा. ग्रामीणों ने बिल देने पर सहमति भी जतायी. विभाग की ओर से जनवरी और फरवरी माह में जलापूर्ति को चालू किया गया. विभाग की ओर से बिल वसूली के लिए रखे गये कर्मी जब बिल मांगने उपभोक्ताओं के पास गये तो बाजार के उपभोक्ताओं को छोडकर ग्रामीणों ने बिल देने में दिलचस्पी नहीं दिखायी. दो माह तक बिना बिल के विभाग ने ग्रामीणों के लिए जलापूर्ति जारी रखी. संचालन में होनेवाले खर्च को देखते हुए विभाग ने मार्च माह में इसे बंद कर दिया.
क्या कहते हैं कनीय अभियंता
कनीय अभियंता राज आनंद का कहना है कि संचालन में दो कर्मियों के अलावा केमिकल में प्रतिमाह 30000 का खर्च आता है. ऐसे में बिल नहीं देंगे तो भुगतान कैसे हो पायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
