अब तिसरी के माइका माफिया प्रशासन और वन विभाग की आंखों में धूल झोंक कर कार, एसयूवी समेत अन्य लग्जरी वाहन व अन्य छोटे मालवाहक से माइका कोडरमा व डोमचांच ले जा रहे हैं. प्रखंड की पचरुखी, मंसाडीह, नारोटांड़, बलबली, जरनाडीह, सलगाडीह व खिजुरी पंचायत से माइका गावां प्रखंड के जमडार होते हुए डोमचांच और कोडरमा ले जाया जा रहा है.
इन स्थानों पर हो रहा खनन
सूत्रों के अनुसार तिसरी के पचरुखी, बरवाड़ीह और नारोटांड़ समेत अन्य जंगलों से धड़ल्ले से माइका का अवैध खनन किया जा रहा है. खनन के बाद माइका को जगह-जगह पर इकट्ठा किया ता है. इसके बाद रात में इसकी ढुलाई की जाती है. स्थानीय प्रशासन और वन विभाग कई बार माइका माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है. माइका की तस्करी को रोकने के लिए प्रखंड मुख्यालय स्थित कई गोदामों को सील भी कर दिया गया है. लगातार पेट्रोलिंग भी की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद माफिया बाज नहीं आ रहे हैं और प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर प्रतिदिन लाखों रुपये की माइका की तस्करी कर रहे हैं. इससे सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है.
छापेमारी अभियान जारी है : रेंजर
रेंजर अनिल कुमार ने कहा कि वन विभाग ने माइका माफियाओं के खिलाफ कई बार कार्रवाई की है और लगातार छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है. रात में चोरी-छिपे यदि वन क्षेत्र से अवैध कार्य किया जा रहा है, तो निश्चित रूप वन विभाग कठोर कार्रवाई करेगा. किसी भी कीमत पर वन क्षेत्र में अवैध खनन या अन्य कार्य होने नहीं दिया जायेगा. कहा कि माइका माफियाओं को फिर से चिह्नित किया जा रहा है. इसके बाद कार्रवाई की जायेगी.
