जमुआ प्रखंड क्षेत्र की चरघरा पंचायत अंतर्गत सिमराटांड मालापहाड़ी में अवैध रूप से पत्थर खनन करने आये एक व्यक्ति का ग्रामीणों ने विरोध किया. जब व्यक्ति से खदान चलाने से संबंधित लीज के दस्तावेज की मांग की गयी, तो वह आनाकानी करने लगा. इसके बाद ग्रामीणों ने पत्थर खनन में लगे पोकलेन को रोक दिया. ग्रामीण शिव यादव, युगल किशोर यादव, कुलदीप यादव, अरबिंद यादव, जयनारायण यादव, किशोर यादव, रामा महतो, कपिल पांडेय व अनिल यादव ने बताया कि कुछ लोग गांव की गैरमजरुआ जमीन को हड़पने के लिए अवैध रूप से पत्थर खनन करने का प्रयास कर रहे हैं. यदि मालापहाड़ी पर पत्थर खनन का कार्य होता है, तो आसपास की जमीन बंजर हो जायेगी. इसका खमियाजा चरघरा गांव के लगभग एक हजार परिवार को भुगतना पड़ेगा. पहाड़ी के अगल बगल में जंगल है. साथ ही बिरसा हरित क्रांति योजना के तहत लगाये गये पौधों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. कहा कि यदि पत्थर माफिया जबरन खनन का कार्य करते हैं, तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. क्या कहते हैं डीएमओ जिला खनन पदाधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से इस मामले में आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलते ही इसकी जांच की जायेगी. यदि खनन अवैध होगा तो कार्रवाई की जायेगी.
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