बेंगाबाद.
बेंगाबाद व आसपास के गांवों में जलापूर्ति योजना का लाभ ले रहे ग्रामीण बिल जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. इसके कारण सोमवार से जलापूर्ति बंद हो गयी है. जलापूर्ति के बंद होने से एक बार फिर आसपास के ग्रामीणों के समक्ष जल संकट उत्पन्न हो गयी है. लगातार घाटे में रहने के बाद भी विभाग ने जनवरी और फरवरी में जलापूर्ति की, लेकिन मार्च से विभाग ने भी हाथ खड़े कर दिये. इससे ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा. विभाग ने इसकी जानकारी उपायुक्त को भी दे दी है.पेसराटांड़ इंटेक वेल से होती है जलापूर्ति
पेसराटांड़ नदी में बने इंटेक वेल से पानी प्रखंड परिसर में बने प्लांट आता है. यहां से पानी को फिल्टर कर बेंगाबाद पंचायत के गांवों के लोगों के घरों में नल से पहुंचाया जाता है. अब तक यह योजना स्वच्छता समिति के हैंडओवर नहीं किया गया है. इसके कारण विभाग अपने स्तर से जलापूर्ति कर रहा था. जनवरी व फरवरी माह की बिल वसूली के लिए विभाग कर्मी ग्रामीणों के घरों में पहुंचे, तो बाजार के उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य सभी से बिल देने से साफ मना कर दिया.क्या कहते हैं जेई
जेई राज आनंद का कहना है कि बिल नहीं मिलने के कारण मेंटनेंस में परेशानी हो रही है. प्रतिमाह 30 हजार से अधिक का खर्च आता है, तब योजना का संचालित होती है. लेकिन, उपभोक्ता बिल देने में आनाकानी कर ते हैं. इसके कारण योजना को संचालित करना मुश्किल हो रहा है. इसलिए योजना बंद कर इसकी जानकारी उपायुक्त व विभागीय अधिकारियों को दे दी गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
