गिरिडीह. सरिया प्रखंड क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर मंगलवार को विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विद्युत संघर्ष समिति और आम लोगों ने सरिया पावर सब स्टेशन पहुंचकर सहायक विद्युत अभियंता के नाम आवेदन सौंपा. इसमें सरिया नगर पंचायत फीडर को 10 दिनों के भीतर चालू करने, कालीमंडा रोड स्थित ट्रांसफार्मर को इससे जोड़ने तथा जर्जर विद्युत तार और उपकरण बदलने की मांग की गयी है.
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले करीब डेढ़ माह से क्षेत्र में बिजली संकट गंभीर बना हुआ है. उनके अनुसार कई दिनों में 24 घंटे में महज छह से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जबकि प्रतिदिन 12 से 14 घंटे तक बिजली बाधित रहने की स्थिति बन रही है. लगातार कटौती से बरसात और गर्मी के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ये भी पढ़ें: अब बिजनेस वूमन बनेंगी जीविका दीदियां: गौरवडीह गांव में लगा विशेष कैंप, सरकारी लोन और योजनाओं की राह हुई आसान
जर्जर तार और खराब इंसुलेटर से बार-बार फॉल्ट का आरोप
विद्युत संघर्ष समिति और उपभोक्ताओं का आरोप है कि सरिया क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट के कई तार जर्जर हो चुके हैं. तार टूटने, इंसुलेटर पंचर होने और अन्य तकनीकी खराबियों के कारण बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है. लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्र में लगे कुछ विद्युत तारों की गुणवत्ता ठीक नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश या मौसम खराब होने पर भी फॉल्ट की समस्या उत्पन्न हो जाती है.
समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस संबंध में गिरिडीह विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता से दूरभाष पर बात कर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की गयी है. सहायक विद्युत अभियंता को भी क्षेत्र में लंबे समय से जारी बिजली संकट की जानकारी दी गयी.
दुर्गापूजा में निर्बाध बिजली की मांग
आवेदन में सरिया नगर पंचायत फीडर को जल्द चालू करने के साथ कालीमंडा रोड स्थित ट्रांसफार्मर को उससे जोड़ने की मांग की गयी है. लोगों ने कालीमंडा को प्रमुख धार्मिक स्थल बताते हुए दुर्गापूजा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
इसके अलावा सरिया बाजार क्षेत्र में नगर पंचायत फीडर के अंतर्गत आने वाले 11 हजार वोल्ट के जर्जर तारों को बदलने तथा खराब इंसुलेटर और अन्य उपकरणों को बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री से बदलने की मांग की गयी है.
अतिरिक्त मिस्त्री और हेल्पर तैनात करने की मांग
समिति ने सरिया बाजार क्षेत्र के लिए अतिरिक्त मिस्त्री और हेल्पर की व्यवस्था करने तथा दिन-रात शिफ्ट में काम कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि शाम छह-सात बजे के बाद होने वाले फॉल्ट का तत्काल समाधान नहीं हो पाता, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट झेलना पड़ता है. नियमित शिफ्ट व्यवस्था होने से फॉल्ट की मरम्मत में तेजी आने की उम्मीद है.
इससे पहले सोमवार की रात भी सरिया बाजार के कुछ आक्रोशित लोग सरिया पावर सब स्टेशन पहुंचे थे और बिजली आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया था.
10 दिन का अल्टीमेटम
विद्युत संघर्ष समिति और स्थानीय लोगों ने कहा है कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना, आमरण अनशन और उग्र आंदोलन किया जायेगा. आवेदन में कहा गया है कि इसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी.
आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, विद्युत विभाग के सचिव, महाप्रबंधक, गिरिडीह उपायुक्त, संबंधित विद्युत अधिकारियों तथा बगोदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गयी है.
मौके पर विद्युत संघर्ष समिति के अध्यक्ष विशाल गंभीर, उपाध्यक्ष विनोद मंडल, सचिव जिम्मी चौरसिया, व्यवसायी पवन बर्णवाल, अली अहमद, विशाल सलूजा, असीम सामंतो, संजय मोदी, राहुल गंभीर, राजेंद्र सिंह, रमेश मोदी, संजय साव, सुमित, पंकज मोदी, प्रमोद मोदी, सुदीप मंडल समेत कई लोग मौजूद थे.
ये भी पढ़ें: पुणे में संदिग्ध परिस्थितियों में बगोदर के मजदूर की मौत, 2 दिन बाद गांव शव पहुंचते ही मचा कोहराम
