जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली का मामला बेंगाबाद में भी गहराता जा रहा है. सीआइडी की लगातार कार्रवाई के बाद परीक्षा में कथित तौर पर पैसे के बल पर नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों और उनसे जुड़े लोगों में बेचैनी बढ़ने की चर्चा है. हालांकि, किसी भी अभ्यर्थी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मामले से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की आशंका भी बढ़ती जा रही है.
एएसओ समीर की हिरासत से बढ़ी हलचल
सीआइडी रांची की टीम गुरुवार की रात बेंगाबाद चौक पहुंची और एक मिष्ठान भंडार से रांची में पदस्थापित एएसओ समीर उर्फ शालू को हिरासत में लिया. समीर रक्षाबंधन के अवसर पर छुट्टी में अपने घर आया था और परिजनों के साथ दुकान में हाथ बंटा रहा था. सीआइडी टीम उसे पूछताछ के लिए रांची ले गयी.
बताया जा रहा है कि समीर के संबंध जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में जांच के दायरे में आये अभय तिवारी गिरोह से जुड़े सेटरों से होने की जांच की जा रही है. हालांकि, सीआइडी की ओर से समीर की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है.
घर से मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान लिये जाने की बात
समीर को हिरासत में लेने के बाद सीआइडी की टीम उसके बेंगाबाद बस्ती स्थित घर भी पहुंची. सूत्रों के अनुसार, टीम ने घर से परिजनों के मोबाइल फोन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने कब्जे में लिये. इसके बाद सीआइडी की टीम क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी जांच और छापेमारी के लिए रवाना हुई.
अभय तिवारी के ससुराल में भी हुई थी कार्रवाई
जेएसएससी सीजीएल मामले की जांच के क्रम में सीआइडी टीम अभय तिवारी के ससुराल बेंगाबाद के हथबोर गांव में भी छापेमारी कर चुकी है. वहां से उसके ससुर सहायक शिक्षक विकास पांडेय को पूछताछ के लिए रांची ले जाया गया था. पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. वहीं, अभय तिवारी की पत्नी के पुलिस हिरासत में होने और उसके दो सालों के फरार होने की बात सामने आयी है. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका की भी पड़ताल
बेंगाबाद क्षेत्र में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में विभिन्न पदों पर कई अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. चर्चा है कि सीआइडी कथित सेटिंग-गेटिंग और पैसे के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर बेंगाबाद क्षेत्र के कुछ चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका की भी पड़ताल किये जाने की बात कही जा रही है.
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कथित बिचौलियों और परीक्षा में गड़बड़ी के जरिये चयन का आरोप झेल रहे लोगों में भी चिंता बढ़ती जा रही है. हालांकि, जांच पूरी होने और आधिकारिक तौर पर तथ्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा में धांधली के मामले में किन लोगों की भूमिका रही है.
