गावां. सुदूर क्षेत्र के निर्धन बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित गावां का मॉडल विद्यालय इन दिनों शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है. प्रखंड मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर माल्डा स्थित इस विद्यालय में कक्षा 6 से 10वीं तक करीब 250 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए महज चार शिक्षक पदस्थापित हैं.
सरकारी गाइडलाइन के तहत विद्यालय में ऑनलाइन आवेदन के बाद कक्षा 6 से बारहवीं तक नामांकन लिया जाता है. जैक के तहत यहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था है. कक्षा 12वीं में तीनों संकायों में विद्यार्थियों का नामांकन है, लेकिन इस कक्षा के लिए भी सिर्फ एक शिक्षक पदस्थापित हैं. शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
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बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
शिक्षकों की कमी के साथ विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है. विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता काफी जर्जर है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी होती है.
विद्यालय परिसर में रनिंग वाटर की सुविधा नहीं है. परिसर में दो चापानल लगे हैं, लेकिन ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन के अनुसार दोनों का पानी पीने योग्य नहीं है. इससे विद्यार्थियों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है.
बैठक में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर हुई चर्चा
रविवार को मॉडल विद्यालय परिसर में विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षक, छात्र और अभिभावकों की संयुक्त बैठक हुई. बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था समेत विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गयी. सबसे प्रमुख मुद्दा शिक्षकों की कमी का रहा.
बैठक में शिक्षकों की कमी को देखते हुए दूसरे विद्यालयों से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कराने की मांग पर गंभीरता से चर्चा हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि समस्या के समाधान की मांग को लेकर 18 सितंबर को गावां बीआरसी का घेराव किया जायेगा.
पहले धरना के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति
अभिभावकों ने कहा कि कुछ माह पहले समाजसेवी मृत्युंजय पांडेय ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दिया था. उस दौरान संबंधित पदाधिकारियों ने विद्यालय में जल्द शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने का आश्वासन दिया था.
अभिभावकों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद अब तक पर्याप्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नहीं की गयी है. इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. अभिभावकों ने कहा कि मॉडल विद्यालय में बेहतर शिक्षा की उम्मीद से बच्चों का नामांकन कराया गया है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है.
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बैठक में विद्यालय की समस्याओं का जल्द समाधान कराने और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की मांग की गयी.
