भवन निर्माण के लिए विद्यालय के खाते में राशि का भी आवंटन कर दिया गया. राशि आवंटन के बाद कार्य प्रारंभ भी किया गया. लेकिन सारे पैसों की निकासी एक दशक पूर्व कर ली गयी. जबकि विद्यालय निर्माण का कार्य अधूरा है. यही हाल शौचालय व किचनशेड का भी है. विभागीय सूत्रों के अनुसार विद्यालय के खाते में विभिन्न भवनों के निर्माण के लिए 21,40,302 रुपये का आवंटन किया गया था. तत्कालीन अध्यक्ष व सचिव ने निर्माण में कुल 11,97,313 रुपये खर्च किये. जबकि शेष राशि 9,42,989 रुपये का कोई अतापता नहीं है. पूछे जाने पर निवर्तमान सचिव संदीप राय ने कहा कि खाता मेरे पास नहीं है.
इन मदों में निकाली गयी राशि
सत्र 2007-08 में एसीआर-3 विद्यालय भवन निर्माण हेतु विद्यालय के खाते में 4,58,000 रुपये का आवंटन विद्यालय के खाते में किया गया जिसमें 1,88,465 खर्च किये गए. स्थिति यह है कि यहां मात्र लिंटन तक ही काम हुआ है. जबकि शेष बचे 2,69,535 रुपये की निकासी कर ली गयी है. सत्र 2012-13 में एसीआर-4 विद्यालय भवन निर्माण हेतु विद्यालय के खाते में कुल 12,48,190 रुपये का आवंटन हुआ. भवन निर्माण में कुल 9,47,544 रुपये खर्च कर शेष राशि 3,00,646 रुपये की भी निकासी कर ली गयी. जबकि भवन में इस समय ढलाई तक ही कार्य हुआ है. प्लास्टर, रंगरोगन आदि कार्य नहीं हो पाया है.सत्र 2012-13 में ही किचनशेड निर्माण हेतु खाते में 2,18,000 रुपये का आवंटन किया गया था. निर्माण में मात्र 61,304 रुपये खर्च कर पूरी राशि की निकासी कर ली गयी. किचन शेड नहीं के बराबर बना है. जबकि वह स्थान झाड़ियों से ढक गया. सत्र 2011-12 में एचएम भवन के लिए 2,16,112 रुपये का आवंटन विद्यालय की खाते में किया गया. जबकि इतनी लंबे समय बीत जाने के बाद भी स्थल पर कोई कार्य नहीं हुआ है. उस समय विद्यालय के सचिव सहायक अध्यापक संदीप राय व अध्यक्ष माथुर मिस्त्री थे. उक्त राशि के संबंध में वे कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं. इसके पूर्व विनोदानंद यादव सचिव थे जिनके समय भी निकासी हुई है.
पूर्व में भी प्रभात खबर ने उठाया था मामला, सचिव व अध्यक्ष किये गये थे शो-कॉज
इसके पूर्व 14 फरवरी 2022 को प्रभात खबर में इससे संबंधित न्यूज़ प्रकाशित हुआ था व अध्यक्ष सचिव दोनों को शोकॉज भी किया गया था. बताया जा रहा है कि उस समय सचिव ने पदाधिकारियों से एक महीने में कार्य पूर्ण करने की बात कही थी. बाद में अध्यक्ष सचिव बीइइओ आदि बदल गए. बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
जर्जर भवन में चल रही है कक्षा
इस समय विद्यालय में 156 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है. जबकि शिक्षकों की संख्या 5 व एक आइसिटी लैब इंस्पेक्टर कार्यरत है. विद्यालय में इस समय 6 कमरें है जो जर्जर होते जा रहे हैं. विद्यालय के चार कमरों में प्रथम से अष्टम तक छात्र-छात्राओं को बैठाया जा रहा है. जबकि दो कमरों का उपयोग स्टोर व किचन के लिए किया जा रहा है जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों ने डीसी को दिया आवेदन
ग्रामीणों ने 29 जनवरी को मामले को ले गिरिडीह उपायुक्त को एक आवेदन भी दिया है जिसमें निवर्तमान सचिव सह वर्तमान सहायक अध्यापक पर राशि निकासी के बाद भी भवन को अधूरा रखने का आरोप लगाया गया है. एक अन्य सचिव बिनोदानन्द यादव वतर्मान में सेवानिवृत्त पर भी एसीआर 3 भवन अधूरा रखने का आरोप लगाया गया है. मौके पर उपस्थित ग्रामीण सदानन्द यादव, रामसहाय यादव, कपिलदेव यादव, दिलीप यादव, प्रसादी यादव, रामचंद्र यादव, सुनील यादव आदि ने मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है.
मुझे कुछ भी पता नहीं : निवर्तमान अध्यक्ष
विद्यालय के निवर्तमान अध्यक्ष माथुर मिस्त्री ने कहा कि उक्त समय के सचिव संदीप राय के कहने पर मैने चेक पर हस्ताक्षर किए थे. जबकि निर्माण की पूरी जिम्मेवारी सचिव की थी. उन्होंने धोखे में रखकर इस तरह का किया है.
शीघ्र कार्य को करेंगे पूर्ण : निवर्तमान सचिव
विद्यालय के निवर्तमान सचिव संदीप राय इस समय इसी विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत है. उन्होंने कहा कि राशि की निकासी की गयी है. कुछ राशि खाते में भी रही है. मैं एक सप्ताह के अंदर विद्यालय में प्लास्टर आदि का काम प्रारंभ करवा देंगे. इसके लिए मैने स्थानीय ग्रामीणों से भी आग्रह किया है. विद्यालय के वर्तमान प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने कहा कि ये सभी मामले मेरे विद्यालय आने से पूर्व का है. भवन के नहीं रहने से परेशानी हो रही है. इसकी सूचना मैंने विभाग को भी दी है.
क्या कहते हैं बीइइओ
मामले में बीइइओ रंजीत चौधरी ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं था. चूंकि मामला बहुत पहले का है. मामला संज्ञान में आया है तो वहां जेई को भेजकर पूरे मामले की जांच करवायी जायेगी. जांचोपरांत विभागीय कार्रवाई होगी. दोषियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा.
