गिरिडीह में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के 6 अपराधी गिरफ्तार, सरगना फरार

Mini Gun Factory Busted: अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. गिरफ्तार शायर अली ने बताया कि उस्मान अंसारी एवं अन्य लोगों के सहयोग से हथियार बनाने का सामान एवं मशीन दो दिनों पूर्व मुंगेर से लाये गये थे. वह गांडेय स्थित अपने घर में पिस्टल का निर्माण करा रहा था. इससे पहले वे लोग कई स्थानों पर इसी तरह की फैक्ट्री संचालित कर चुके थे.

Mini Gun Factory Busted: गिरिडीह पुलिस ने गांडेय थाना क्षेत्र के महेशमरवा गांव में चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी में देवघर और बिहार के छह अपराधियों को रंगेहाथ पकड़ा गया. वहीं सरगना मौके से फरार हो गया. गिरफ्तार अपराधियों में देवघर जिले के मारगोमुंडा थाना क्षेत्र का शायर अली (40), फुरकान अंसारी (30), मोहम्मद चुन्ना (48) और बिहार के मुंगेर जिले के मोहम्मद शमीर मल्लिक उर्फ सद्दाम (30), मोहम्मद मंगली (35), मोहम्मद कमरुद्दीन उर्फ सदना (36) है. मुख्य सरगना उस्मान अंसारी (35) निवासी किशुनपुर देवघर पुलिस घेराबंदी के बावजूद भाग निकला. उसकी तलाश में छापेमारी जारी है.

अंजान लोगों की गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश

एसपी डॉ विमल कुमार ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि बुधवार की रात पुलिस को इनपुट मिला कि महेशमरवा गांव के एक घर में पिछले दो दिन से अनजान लोगों की गतिविधियां बढ़ी हैं. पुलिस टीम ने घर को चारों ओर से घेर लिया और दबिश दी. अंदर मिनी गन फैक्ट्री चल रही थी. पिस्टल और उपकरण बिखरे पड़े थे. जैसे ही पुलिस ने दस्तक दी, अंदर मौजूद अपराधियों में भगदड़ मच गयी. छह लोग पकड़े गये, लेकिन सरगना उस्मान अंधेरे का फायदा उठा भागने में सफल रहा. पुलिस ने मौके से हथियार बनाने के उपकरण, कई अर्धनिर्मित हथियार, निर्मित पिस्टल, मैगजीन, स्प्रिंग और अन्य सामान बरामद किये.

दो दिन पूर्व लाये गये थे हथियार बनाने के सामान व मशीन

अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. गिरफ्तार शायर अली ने बताया कि उस्मान अंसारी एवं अन्य लोगों के सहयोग से हथियार बनाने का सामान एवं मशीन दो दिनों पूर्व मुंगेर से लाये गये थे. वह गांडेय स्थित अपने घर में पिस्टल का निर्माण करा रहा था. इससे पहले वे लोग कई स्थानों पर इसी तरह की फैक्ट्री संचालित कर चुके थे. गिरोह की रणनीति साफ थी. कुछ दिन एक जगह रुककर हथियार बनाओ, फिर बिना निशान छोड़े दूसरी जगह खिसक जाओ. एसपी डॉ विमल कुमार ने बताया कि अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उनका पूरा नेटवर्क बेहद सावधानी से काम करता था. यह गिरोह किसी भी जगह लंबे समय तक ठिकाना नहीं बनाता था.

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उस्मान अंसारी है मास्टरमाइंड

एसपी के मुताबिक, अपराधी गांव और कस्बों में ऐसा घर या कमरा चुनते थे, जहां रात में आवाजें ज्यादा ध्यान न खींचे. वहां 3 से 5 दिन के भीतर हथियार बनाकर तैयार कर लेते थे. उसके बाद वे पूरी फैक्ट्री को कुछ ही घंटों में समेटकर दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट हो जाते थे. गिरोह के सदस्य इतने प्रशिक्षित थे कि मशीनों और उपकरणों को इस तरह व्यवस्थित रखते थे कि छापेमारी में भी पूरा सेटअप समझना मुश्किल हो. जगह बदलने का मकसद सिर्फ एक था पुलिस की पकड़ से बचना और इलाके में किसी तरह की भनक न लगने देना. एसपी ने कहा कि गिरोह की यह हिट एंड रन रणनीति ही वजह थी कि वे कई महीनों से पुलिस की पकड़ से बचते आ रहे थे. लेकिन इस बार गुप्त सूचना इतनी पुख्ता थी कि पुलिस ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा. उन्होंने बताया कि उस्मान अंसारी इस पूरी प्रणाली का मास्टरमाइंड है. उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का और खुलासा होने की उम्मीद है.

एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने किया विशेष टीम का नेतृत्व

एसपी डॉ विमल कुमार को जैसे ही गुप्त सूचना मिली कि गांडेय थाना क्षेत्र के महेशमरवा गांव में संदिग्ध गतिविधि बढ़ी है और वहां अवैध हथियारों का निर्माण हो रहा है, उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया. उन्होंने सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया. इस टीम में गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह, अहिल्यापुर थाना प्रभारी गुलाम गौस, ताराटांड़ थाना प्रभारी सुशांत चिरंजीवी, एसआइ मणिलाल सिंह, एसआइ रोशन कुमार, एएसआइ देव आनंद मारला, महिला हवलदार सुमित्रा देवी, तकनीकी शाखा और थाना रिजर्व गार्ड एवं चौकीदार शामिल थे.

घर के अंदर अंडरग्राउंड कमरे में बन रहे थे पिस्टल

सूचना के अनुसार, टीम शाम में ही महेशमरवा गांव पहुंच गयी थी. छापेमारी के दौरान जब पुलिस ने शायर अली के घर की तलाशी ली, तो शुरू में कुछ खास नहीं मिला. लेकिन घर के भीतर एक संदिग्ध फर्श दिखा. जांच करने पर पता चला कि इस फर्श के नीचे एक अंडरग्राउंड कमरा बनाया गया था, जिसे बाहर से देख पाना लगभग असंभव था. टीम जैसे ही नीचे उतरी, वहां का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गये. कमरे के भीतर मौजूद अपराधी उस वक्त पिस्टल तैयार कर रहे थे.

कई मामलों में पहले से वांछित थे गिरोह के सदस्य

गिरफ्तार अपराधियों की जब पुलिस ने आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की, तो कई अहम जानकारियां सामने आयीं. इनमें से तीन आरोपी पहले से ही विभिन्न थानों में दर्ज गंभीर मामलों में वांछित पाये गये. मोहम्मद चुन्ना के खिलाफ गौरीचक थाना में कांड संख्या 311/23 दर्ज है. यह मामला अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़ा है. मोहम्मद कमरुद्दीन उर्फ सदना के खिलाफ मशरक थाना में कांड संख्या 11/23 दर्ज है. इस कांड में भी अवैध हथियार और संगठित अपराध में उसकी संलिप्तता सामने आ चुकी है. मोहम्मद शमीर मल्लिक उर्फ सद्दाम भी मशरक थाना कांड संख्या 11/23 में आरोपी है. इन मामलों की पुष्टि के बाद पुलिस ने बताया कि यह गिरोह न सिर्फ हथियार निर्माण में शामिल था, बल्कि इनके तार कई पुराने मामलों और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क से भी जुड़े हुए हैं.

भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद

बरामद सामग्री में देसी पिस्टल छह, मैगजीन 11, 7.65 एमएम बोर की जिंदा गोली पांच, अर्धनिर्मित पिस्टल 12, पिस्टल की बैरल 13, पिस्टल का स्लाइड 12, लोहा का डाइस चार, बेस मिलिंग मशीन छह, मैगजीन बनाने का डाइस दो, हैंड ड्रिल मशीन एक, हथौड़ी तीन, स्प्रिंग एक, सनमाइका प्लेट (पिस्टल बट बनाने में प्रयुक्त) 12, लोहा की छड़ (स्लाइडिंग छड़ बनाने में प्रयुक्त) आठ, लोहा की रेती 25, गोल्डन रंग का लोहा प्लेट दो, साइकिल का यू आकार का लोहा फ्रेम (मैगजीन बनाने में प्रयुक्त) 15, प्लास तीन, पेचकस चार, हेक्सा आरी ब्लेड लगा हुआ चार, लोहा का छेनी जैसा औजार 18, अलग-अलग आकार का लोहा प्लेट चार, यू आकार का लोहा क्लैंप चार, हेक्सा ब्लेड 10, स्क्रू करीब 250 ग्राम, मैगजीन बनाने में प्रयुक्त लोहा का स्प्रिंग 40, स्क्रू 250 ग्राम (अलग से), मोबाइल छह, मोटरसाइकिल जेएच10वी5330 शामिल हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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