सरिया प्रखंड क्षेत्र की चिचाकी पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर डुगलाल तुरी (42) का शव रविवार को उसके पैतृक गांव चिचाकी पहुंचा. शव पहुंचते ही टोल मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुट गयी. परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मृतक के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की.
बताया गया कि डुगलाल तुरी पिछले कई वर्षों से मध्य प्रदेश के मुरैना में मजदूरी करता था. करीब ढाई माह पूर्व वह दोबारा मजदूरी करने मुरैना गया था. 13 अगस्त को मुरैना स्टेशन के समीप रेलवे क्रॉसिंग पार करने के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था. इसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. डुगलाल ज्योति स्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड में कार्यरत था.
विधायक ने परिजनों को दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा
शव के गांव पहुंचने की सूचना मिलने पर बगोदर विधायक सह सचेतक नागेंद्र महतो मृतक के घर पहुंचे. उन्होंने डुगलाल तुरी के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर शोक व्यक्त किया. इसके बाद उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
विधायक ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से फोन पर बात कर इंश्योरेंस प्रक्रिया के तहत मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने श्रम विभाग की ओर से शव को पैतृक गांव लाने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि समेत अन्य सरकारी लाभ दिलाने की बात भी कही.
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
डुगलाल तुरी अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गये हैं. उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित कंपनी से मृतक के परिवार को जल्द से जल्द नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.
मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेश रजक, पंसस बिनोद महतो, गोविंद महतो, बलदेव महतो, यूसुफ अंसारी, नारायण मिर्धा, सुकर मिर्धा, रामेश्वर महतो, लोरखो मिर्धा समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.
