सरिया. सरिया थाना क्षेत्र के केशवारी निवासी अशोक राणा द्वारा गिरिडीह व्यवहार न्यायालय में दायर चेक बाउंस मामले में अदालत ने अभियुक्त मो. सिकंदर अंसारी को दोषी करार देते हुए एक साल पांच माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने अभियुक्त को शिकायतकर्ता अशोक राणा को मुआवजे के रूप में 12 लाख रुपये भुगतान करने का भी आदेश दिया है.
इसके अलावा अभियुक्त को पांच हजार रुपये दंड राशि गिरिडीह व्यवहार न्यायालय के नजारत में जमा करने का आदेश दिया गया है. दंड राशि जमा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. अदालत ने दोषी की जमानत रद्द कर उसे हिरासत में लेने का आदेश भी दिया.
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दोस्त से आठ लाख रुपये लिये थे
न्यायालय में दायर परिवारवाद संख्या 2950/2019 के अनुसार, अशोक राणा और मो. सिकंदर अंसारी दोनों केशवारी गांव के निवासी हैं और आपस में दोस्त थे. वर्ष 2017 में सिकंदर अंसारी ने जरूरी काम के लिए अशोक राणा से 8.50 लाख रुपये लिये थे.
रुपये वापस मांगने पर सिकंदर अंसारी ने अशोक राणा को यूनियन बैंक, मुंबई का 18 अक्टूबर 2019 का 8.50 लाख रुपये का चेक दिया. बैंक में जमा करने पर चेक बाउंस हो गया. इसके बाद अशोक राणा ने गिरिडीह व्यवहार न्यायालय में परिवारवाद संख्या 2950/2019 दायर किया.
धारा 138 एनआईए के तहत दोषी करार
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी सुश्री प्रिया की अदालत ने मो. सिकंदर अंसारी को परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया. इसके बाद अदालत ने उसे एक साल पांच माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 12 लाख रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया.
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मामले में शिकायतकर्ता अशोक राणा की ओर से अधिवक्ता कुंदन सिंह और अभियुक्त मो. सिकंदर अंसारी की ओर से अधिवक्ता विकास कुमार ने न्यायालय के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखीं.
