गौरतलब है कि बीते 25 जनवरी को हरलाडीह में आयोजित जतरा मेला देखकर लौट रही दो आदिवासी किशोरियों के साथ लगभग आधा दर्जन आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. पीड़िता की मां के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अंजनी कुमार भी हरलाडीह पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं. भाजपा एवं आजसू पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी हरलाडीह पहुंचकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. एक फरवरी को संथाल समाज ने हरलाडीह ओपी का घेराव कर पुलिस को पांच फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया था.
पुलिस लगातार सक्रिय है
संथाल समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बेमियादी धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. इधर, घटना के दूसरे दिन से ही एसडीपीओ सुमित प्रसाद समेत कई पुलिस पदाधिकारी हरलाडीह में कैंप कर लगातार छापेमारी अभियान चला रहे हैं. एसपी डॉ बिमल कुमार खुद भी कई बार क्षेत्र में पहुंचकर संदिग्धों से पूछताछ कर चुके हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
