बिजली नहीं रहने से इस समय गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बिजली नहीं रहने पर जलापूर्ति भी बाधित हो जाती है.इससे लोगों में विभाग के प्रति काफी आक्रोश है.
गिरिडीह से तिसरी होते आती है बिजली
गावां को सीधे ग्रिड से नहीं जोड़ा गया है. गिरिडीह से बिजली तिसरी पावर सब स्टेशन आती है और उसके बाद गावां सब स्टेशन को आपूर्ति की जाती है. इसके कारण गिरिडीह से गावां तक कहीं भी गड़बड़ी होने पर यहां घंटों बिजली गुल हो जाती है. दशकों पूर्व लगाये गये बिजली के खंभे, तार समेत अन्य उपकरण काफी जर्जर हो चुके हैं. आंधी में बिजली खंभे तार आदि का धराशायी होना यहां आम बात हो गयी है. बिजली प्रवाहित तार के गिरने से जानमाल का नुकसान भी हो चुका है.
वर्षों बाद भी नहीं चालू हो सका है पावर ग्रिड
गावां प्रखंड के गदर में एक दशक पूर्व पावर ग्रिड की स्वीकृति के बाद भवन निर्माण के साथ तार लगाने का कार्य शुरू किया गया. पावर ग्रिड निर्माण का काम लगभग पांच वर्षों पूर्व पूरा कर लिया गया है. लेकिन, वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण लगभग सात टावर लगाने का काम पूरा नहीं हो सका. इसके कारण पावर ग्रिड तक बिजली नहीं पहुंच रही है. बताया जा रहा है कि लगभग एक माह पूर्व वन विभाग से एनओसी भी मिल चुका है, लेकिन इसे चालू करने की दिशा में ठोस पहल नहीं हो रही है. बंद रहने के कारण परिसर में झाड़ियों का अंबार लगता था रहा है. उक्त पावर ग्रिड से गावां, तिसरी, देवरी के अलावा राजधनवार में भी बिजली देने की बात कही जा रही है.
लगातार हो रहे हैं आंदोलन
पावर ग्रिड चालू करवाने को ले राजनीतिक दलों के द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा है. पिछले वर्ष पूर्व विधायक राजकुमार यादव के द्वारा ग्रिड के सामने अनिश्चितकालीन धरना भी दिया गया था. उस समय विभाग के वरीय अधिकारियों ने तीन माह में कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष पूर्ण होने के बाद भी इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई.
क्या कहते हैं विभागीय एसडीओ
विभाग के एसडीओ प्रदीप राय ने कहा कि दो सप्ताह के अंदर पावर ग्रिड चालू करने को ले काम शुरू कर दिया जायेगा. संबंधित एजेंसी को कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है. पावर ग्रिड के चालू होने से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार होगी.
