Giridih News: छात्राओं के साथ मारपीट मामले को लेकर टीम ने की जांच

प्रखंड की सरिया खुर्द पंचायत अंतर्गत अच्छुवाटांड़ स्थित पीएमश्री झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में पिछले दिनों वार्डेन द्वारा छात्राओं के साथ मारपीट मामले को डीसी ने गंभीरता से लिया है.

डीसी के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गयी है. सरिया एसडीएम संतोष गुप्ता के नेतृत्व टीम के सदस्य सरिया बीडीओ ललित नारायण तिवारी व बगोदर बीडीओ निशा कुमारी बुधवार को जांच के लिए स्कूल पहुंची. टीम ने वार्डन अंशु कुमारी से पूछताछ की.

साथ ही छात्राओं व शिक्षिकाओं से भी अलग-अलग पूछताछ की गयी. इसके बाद टीम ने विद्यालय, कार्यालय व रसोई घर का भी निरीक्षण किया.

होली खेलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई व खानपान की मिली है शिकायत : एसडीएम

इस संबंध में एसडीएम संतोष गुप्ता ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर जांच की गयी. जांच में छात्राओं ने होली खेले जाने के दौरान वार्डन द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात सामने आयी है.

साथ ही खानपान से संबंधित शिकायत मिलने पर बीडीओ सरिया को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं. कहा कि रिपोर्ट डीसी को सौंपी जायेगी. मालूम रहे कि उक्त विद्यालय के कक्षा नौवीं की पांच छात्राओं ने वार्डन अंशु कुमारी पर मारपीट का आरोप लगाया है.

गिरिडीह सांसद ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव व उपायुक्त को पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग

सरिया के अच्छुवाटांड़ स्थित पीएम श्री आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डन द्वारा छात्राओं के साथ मारपीट करने के मामले को गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने गंभीरता से लिया है.

उन्होंने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव व गिरिडीह के उपायुक्त को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करने और जांच टीम में किसी स्वतंत्र स्वयंसेवी संस्था की महिला अधिकारी को भी शामिल कर सात दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट देने और दोषी पाए जानेवाले शिक्षकों पर प्रशासनिक कार्रवाई करने की भी मांग की है.

अंदरूनी क्लेश की बातें भी आ रहीं सामने, नाम न छापने की शर्त पर शिक्षिकाओं ने खोले राज, वार्डेन पद के लिए आपस में शिक्षिकाओं में थी गुटबाजी

इधर मारपीट की घटना का मामला सामने आने के बाद कई तरह के अंदरुनी क्लेश की भी बातें सामने आ रही हैं. नाम न छापने की शर्त पर विद्यालय की शिक्षिकाओं ने प्रभात खबर को बताया कि विद्यालय में कुल सात शिक्षिकाओं का पदस्थापन संबंधित विभाग द्वारा किया गया है.

इसमें कुछ शिक्षिकाएं सरिया, बिरनी व बगोदर प्रखंड से संबंध रखती हैं, तो वहीं कुछ शिक्षिकाओं समेत वार्डेन अंशु कुमारी गिरिडीह जिला मुख्यालय से संबंध रखती हैं. इस कारण शिक्षिकाओं के बीच आपसी तालमेल की कमी होने और गुटबाजी होती है. इसे लेकर इन शिक्षिकाओं के बीच पूर्व में भी कई बार कहासुनी हो चुकी है.

शिक्षिकाएं सात लेकिन क्वार्टर छह, कुछ दिनों से आपस में है अनबन

विद्यालय की शिक्षिकाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस विद्यालय में शिक्षिकाओं के निवास के लिए विभाग द्वारा छह क्वार्टर बनाए गए हैं, जबकि शिक्षिकाओं की संख्या सात है. ऐसे में इन लोगों के बीच क्वार्टर की बात को लेकर भी कुछ दिनों से अनबन है.

वहीं कई शिक्षिका व वर्तमान में पदस्थापित वार्डेन अंशु कुमारी को किसी प्रकार से हटाकर किसी स्थानीय शिक्षिका को वार्डन का प्रभार दिलवाने को लेकर राजनीतिक षड़यंत्र रचे जाने की भी बात भी कही जा रही है.

शिक्षिकाओं ने कहा- छड़ी से मारा गया होता, तो फ्रैक्चर नहीं होता

प्रभात खबर से बात करते हुए शिक्षिकाओं ने कहा कि रविवार को छात्राएं होली खेल रही थीं. इस दौरान कई शिक्षिकाओं ने बच्चों को विद्यालय परिसर व हॉस्टल परिसर में रंग गुलाल न खेलकर विद्यालय के बाहर के कैंपस में होली खेलने की सलाह दी थी.

वार्डेन को देखकर और विद्यालय प्रबंधन के डर से छात्राएं अपने-अपने हॉस्टल जाने के लिए भागने के क्रम में फर्श पर गिरीं. इससे हल्के फ्रैक्चर जैसी समस्या हुई. यदि वार्डेन ने छड़ी से पिटाई की होती तो फ्रैक्चर नहीं होता.

क्या है अभिभावक और स्थानीय लोगों की मांग

अभिभावकों या स्थानीय लोगों की मानें तो इस विद्यालय में स्थानीय शिक्षिकाओं का होना ही सबसे बड़ी समस्या है. इस विद्यालय में बच्चों को बिना किसी राजनीति या बेहतर शिक्षण व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी स्थानीय शिक्षकों को यहां से हटाकर किसी अन्य विद्यालय की शिक्षिकाओं का पदस्थापना किया जाना चाहिए. विद्यालय में जब शिक्षिकाओं के बीच गुटबाजी होगी तो शिक्षा का माहौल खराब होगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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