Giridih News: बिरनी में 32 हाथियों के झुंड ने रात भर मचाया उत्पात, दहशत में ग्रामीण

Giridih News: गिरिडीह जिले के बिरनी में 32 हाथियों के झुंड ने रात भर उत्पात मचाया. खेत-खलिहान की फसलों को बर्बाद कर दिया. इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत है.

Giridih News: गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में 8 माह के बाद एक बार फिर से 32 हाथियों के झुंड ने दस्तक दी है. हाथी रविवार देर रात करीब 9 बजे हजारीबाग जिला के चौबे जंगल से निकलकर बिरनी के बेहराबाद जंगल पहुंचे. ग्रामीणों के अनुसार झुंड में 4 हाथी के बच्चे भी हैं. बताया गया कि हाथी गुड़ीटांड़ होते हुए बंगराखुर्द, पंदनाखुर्द, कररी, घोरमोर और चितनखारी पहुंचे.

खलिहान में रखी फसल खा गए हाथी

हाथियों के झुंड ने खलिहान में रखे व खेत में लगे धान को खा गये. इसके अलावा खेतों में लगी आलू की फसल को भी नष्ट कर दिया. जानकारी के अनुसार, बेहराबाद जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड बेहरबाद गांव में प्रवेश कर गया. इसके साथ ही ग्रामीणों में रात के समय ही अफरा-तफरी मच गयी. बेहराबद से निकलकर हाथी बगल के बंगराखुर्द व पंदनाखुर्द पहुंचे.

दर्जनों किसानों को हुआ नुकसान

दर्जनों किसानों का धान खाने के बाद आलू की फसल को किया नष्ट बंगराखुर्द में परमेश्वर यादव, गोविंद यादव, बाबूलाल यादव, बंधन राय, विजय पासवान, दिलीप पासवान, कंचन देवी, हरदिया के अलीजान मियां, रब्बानी अंसारी, लियाकत अंसारी, नसीम अंसारी, मुख्तार अंसारी, सिकेंद्र अंसारी, साजदा खातून, रेबुना खातून, मुस्तकीम अंसारी, इमामुल अंसारी, सकीना खातून, हसीना खातून, घोरमोरा के लिलो साव, कलेश्वरी देवी, बहादुर साव, झरी साव, मेघलाल साव, हिरामन साव का धान काटकर खलिहान में झाड़ने के लिए रखा था. हाथियों के झुंड ने सारा धान खा लिया.

बंगराखुर्द से चितनखारी गांव पहुंचा हाथियों का झुंड

इसके अलावा खलिहान के बगल में विनोद यादव, परमेश्वर यादव और गोविंद यादव के करीब दस कट्ठा खेत में लगी आलू की फसल को नष्ट कर दिया. बंगराखुर्द से हाथियों का झुंड चितनखारी गांव पहुंच गया. यहां महेंद्र यादव की खेत के बाहर धान काटकर रखा था. 30 कट्ठा में उसने धान की खेती की थी. पूरा धान हाथी खा गए.

खलिहान में रखी धान की फसल को हाथियों के झुंड ने रौंदा. फोटो : प्रभात खबर

सुबह सरिया के जंगल में चले गए हाथी

विकास यादव ने 20 कट्ठा में धान की खेती की थी, रामचंद्र यादव 10 कट्ठा में धान की खेती की थी, सहदेव यादव ने 2 कट्ठा में आलू की खेती की थी, रामकृष्ण यादव ने 15 कट्ठा में धान की खेती की थी. इसी तरह बाबूलाल यादव, जनार्दन यादव, टुपलाल यादव, अजीत यादव, जयदेव प्रसाद यादव ने भी धान काटकर खलिहान में रखे थे. हाथियों का झुंड धान खा गया. इसके बाद फसल को पैरों से रौंदते हुए चला गया. सोमवार सुबह हाथियों का झुंड सरिया के जंगल में प्रवेश कर गया.

वनकर्मी बोले- किसानों को दिलाया जाएगा मुआवजा

जांच के बाद किसानों को मिलेगा मुआवजा वनकर्मी सागर कुमार, अबोध महथा ने कहा कि इन गांवों में हाथियों के झुंड ने खेत में लगी धान की फसल और खलिहान में रखी फसल खा ली है. आलू भी खाए हैं. फसलों को काफी नुकसान हुआ है. इसकी जांच की जा रही है. पीड़ित किसानों को वन विभाग की ओर से मुआवजा दिलाया जायेगा.

Also Read

रोबोटिक्स, एआई और डेटा साइंस बढ़ा सकते हैं आर्थिक अवसर, धनबाद में बोले डॉ वीके सारस्वत

JSSC ऑफिस घेरने जा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज को बाबूलाल मरांडी ने बताया अमानवीय, निंदनीय

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >