पूर्व मुखिया रामनारायण दास, समाजसेवी हरिहर प्रसाद सिंह, प्रकाश पंडित, कुंदन तिवारी, टेकनारायण यादव, उमेश हाजरा, सुरेश पंडित समेत अन्य लोगों ने एक सप्ताह में प्रखंड क्षेत्र में सभी खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करवाने की मांग पेयजल व स्वच्छता विभाग से की है. ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही जलस्तर नीचे जा रहा है. कई जलस्रोत सूखने की कगर पर पहुंच गये हैं. इसके बाद भी खराब पड़े चापाकल की मरम्मत व बंद पड़े जलमीनार को चालू करवाने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है.
क्या कहते हैं विभागीय जेई
इधर, पेयजल व स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए खराब पड़े चापाकल की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है. शीघ्र रोस्टर राइजर पार्ट्स के तहत वैसे चापाकल जिसमें पाइप बदलने व वृहद मरम्मत होनी है, उसमें कार्य शुरू किया जायेगा. ऐसे 220 खराब चापाकलों की सूची तैयार की गयी है. स्पेशल रिपेयरमेंट (एसआर) के तहत वैसे चापाकल जिसकी बोरिंग धंस गयी है या कोलैप्स हो गयी है, उसकी सूची बनायी गयी है. 110 स्थानों पर नयी बोरिंग की जायेगी. टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बोरिंग करवायी जायेगी.ढेंगाडीह ग्रामीण जलापूर्ति योजना से चार गांवों में पानी की सप्लाई शुरू
विभाग के द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत निर्मित ढेंगाडीह ग्रामीण जलापूर्ति योजना से चार गांव चोलीडीह, ननकार रानीडीह, मंझलाडीह व गादी गांव में पाइपलाइन से घरों तक पानी पहुंचाने का कार्य शुरू हो गया है. अन्य गांव में पानी पहुंचाने के लिए कार्य चल रहा है. इसके अलावा भेलवाघाटी, घसकरीडीह व कोसोगोंदोदिघी में जल जीवन मिशन के तहत बनने के बाद बंद पड़े जलमीनार को चालू करवाने के लिए मरम्मत का काम शुरू किया गया है.
