पारसनाथ का घना जंगल, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ जड़ी-बूटियों के लिए प्रसिद्ध है. आग के कारण ना केवल बहुमूल्य वनस्पतियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि यहां रहनेवाले वन जीवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है. स्थानीय लोगों के अनुसार आग की लपटें लगातार फैल रही हैं और तेज हवा के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है.
वन विभाग की टीम व मकर संक्रांति मेला समिति काबू पाने में जुटे
वन विभाग की टीम और मकर संक्रांति मेला समिति के सदस्य आग पर काबू पाने के लिए प्रयासरत हैं. लेकिन, अभी तक आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है. इस घटना को लेकर पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में गहरी चिंता देखी जा रही है. उनका कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो काफी नुकसान होगा. प्रशासन से अपील की जा रही है कि इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन और विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया जाये, ताकि पारसनाथ के जंगलों और वहां की जैव विविधता को बचाया जा सके.
