सीओ के द्वारा दी गयी नोटिस के आधार पर वे लोग अंचल कार्यालय पहुंचे थे. प्रमुख ने दूरभाष पर इसकी जानकारी सीओ संदीप मधेसिया को दी. सीओ ने कहा कि वह उपायुक्त कार्यालय में मीटिंग में हैं. इसके बाद प्रमुख के कहने पर ग्रामीणों ने सीओ ने आवेदन उन्हें सौंप दिया. ग्रामीण रामरतन यादव, पिंटू साव, दिलीप साव, दुर्गा साव, कामेश्वर यादव, विक्रम साव, गोबिंद साव व मन्नू दास ने कहा कि पडरिया घनी आबादी वाला गांव है.
गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन पर कब्जा का आरोप
ग्रामीणों ने कहा कि गांव की पश्चिम दिशा में 21.75 डिसमिल जमीन सर्वे खतियान के अनुसार गैरमजरुआ खास किस्म की जमीन अडवार परती दर्ज है. उक्त जमीन पर गांव के ही कुछ लोग अतिक्रमण कर रहे हैं. इसपर रोक लगाने के लिए पिछले वर्ष सीओ को आवेदन देकर इसकी शिकायत की गयी थी. सीओ ने अतिक्रमण करने वालों व ग्रामीणों को नोटिस देकर 21 अप्रैल को अपना-अपना पक्ष व जमीन से संबंधित कागजात दिखाने का निर्देश दिया था. इसी नोटिस के आधार पर ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे थे. कहा कि अगर एक माह के अंदर सीओ के द्वारा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया जाता है तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
सीओ ने कहा
सीओ ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर मूल कागजात कार्यालय में जमा करने को कहा गया है. जल्द ही कागजात देखकर विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. कार्यालय पहुंचने वालों में अनीता देवी, अंजनी देवी, उर्मिला देवी, पुदीना देवी, देवंती देवी, आरती देवी, कलावती देवी, नरेश साव, उपेंद्र यादव, धनेश्वरी देवी, रेशमी देवी, निर्मला देवी, विजय यादव, संजय यादव, महेश साव, गोबिंद साव, लालमोहन साव, महेंद्र साव, उमाशंकर बरनवाल, बीरेंद्र बरनवाल, पिंटू मोदी, रंजीत यादव समेत अन्य शामिल थे.
