मांगलिक कार्यों में विवाह लग्न, यज्ञ, पवित्र गृह प्रवेश, जागरण और मुंडन जैसे धार्मिक कार्य शामिल हैं. विवाह का लग्न बुधवार से ही शुरू हो रहा है. गणेश चतुर्थी के साथ विवाह मुहूर्त भी प्रारंभ हो रहा है.
सिर पर सेहरा सजेगा
वर्ष 2026 के तीन महीनों में बुधवार से शहनाई की गूंज घरों में शुरू हो जाएगी और फरवरी में केवल 13 दिन ही विवाह के लग्न हैं. इसके बाद मार्च-अप्रैल तक विवाह कार्य चलेगा. इसके बाद से विवाह के लग्न फिर ज्येष्ठ माह के समापन यानी आषाढ़ से प्रारंभ होगा. इन 13 दिनों में किसी के घर बिटिया के हाथ पीले होंगे, वहां पिया नाम की मेहंदी रची जाएगी. वहीं दूसरी ओर किसी के घर में लाड़ले के सिर पर सेहरा सजेगा और सेहरा में सजा लाड़ला घोड़ी चढ़ अपनी जीवन संगिनी के द्वार पहुंचेगा. 4 फरवरी से बैंड बाजा और बारात की धूम मचेगी. शादियों का लग्न आते ही बाजार भी लग्न बाजार में रंगने लगा है और खरीदारी को लेकर लोगों की भीड़ भी दुकानों पर उमड़ने लगी है.13 दिनों का ये है लग्न तिथि
विवाह को लेकर फरवरी में 13 दिनों का लग्न है. इसमें फरवरी माह में कुछ लग्न शुभ है, जिसमें 10,12,15,19,25 फरवरी की तारीख शामिल है. चोल मुंडन 12,18,26 तक यज्ञ पवित्र जनेऊ संस्करण 12 और 26 को है. गृह प्रवेश का शुभ मूहूर्त 6,11,19,20, 21, 25, 26 फरवरी को माना गया है. 8 दिन शुभ लग्न है मुहुर्त है. इसके तहत फ़रवरी में 18, 19, 20 व 24 तथा मार्च माह में 3,4,5,6 व 17 को शुभ लग्न है.
बाजार भी हुआ गुलजार, बुकिंग भी शुरू
विवाह मुहूर्त के प्रारंभ होते ही शादियों की सुगबुगाहट भी प्रारंभ हो गयी है. जिनके घरों में सादी समारोह होनेवाले हैं, वे होटल, विवाह भवन, बैंड बाजा, वाहनों की बुकिंग के साथ-साथ बिटिया को आकर्षक तरीके से सजाने संवारने को लेकर ब्यूटी पार्लर तक की बुकिंग करने लगे हैं. इस वर्ष मलमास लगने का कारण दो ज्येष्ठ मास होता है, जिस कारण ज्येष्ठ माह में लग्न नहीं है. आषाढ़ शुरू होने पर मांगलिक कार्य व धार्मिक कार्य प्रारंभ होंगे.
