जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम की टीम ने बीडीओ अमल कुमार से मुलाकात की. इस दौरान बाल श्रम उन्मूलन, बाल संरक्षण व बच्चों के अधिकारों पर चर्चा हुई. बीडीओ ने कहा कि बाल मजदूरी कराना कानूनन अपराध है. प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है. उन्होंने बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का स्वागत किया और इस दिशा में कार्य कर रही संस्थाओं को हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिया. इधर, हीरोडीह थाना में भी जागरूकता कार्यक्रम हुआ. थाना प्रभारी महेश चंद्र सहित पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को बाल श्रम प्रतिषेध व विनियमन अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा बच्चों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी. साथ ही बाल श्रम के मामलों में त्वरित कार्रवाई एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
कोदंबरी के होटलों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में की गयी छापेमारी
जागरूकता कार्यक्रम के बाद श्रम विभाग, पुलिस व जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन से संबंध बनवासी विकास आश्रम की टीम ने काेदंबरी क्षेत्र के होटलों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में छापेमारी अभियान चलाया गया. इस दौरान रिद्धि सिद्धि होटल, सिमी स्वीट्स तथा प्रिया अंजलि मिष्ठान भंडार में चार बच्चे काम करते पाये गये. सभी का रेस्क्यू किया गया. बच्चों को मुक्त कराते हुए आवश्यक कानूनी व पुनर्वास संबंधी प्रक्रिया शुरू की गयी. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजय कुमार, बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश शक्ति, सीएसडब्ल्यू उज्ज्वल मिश्रा, उत्तम कुमार, हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्रा ने अभियान के दौरान आम नागरिकों, होटल संचालकों एवं व्यवसायियों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में बच्चों से मजदूरी नहीं करायें. बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें.
