गिरफ्तार ठग सुनील वर्मा, रणजीत वर्मा और धर्मेंद्र वर्मा ने अब तक लगभग 50 किसानों से ठगी की है. पहले की तरह ही ये ठग कृषि विभाग के आवेदनकर्ताओं का डेटा हासिल करते और खुद को विभाग का अधिकारी या कर्मी बताकर किसानों को भरोसा दिलाते. इसके बाद उन्हें पंप लेने के बहाने गिरिडीह शहर बुलाया जाता और वहां नकद या ऑनलाइन पैसे ऐंठ लिये जाते थे. ठग एसपी आवास के पास मिलने का स्थान चुनते थे, ताकि सरकारी माहौल दिखाकर किसानों का भरोसा आसानी से जीता जा सके. किसानों को जीएसटी के साथ या बिना जीएसटी के पंप लेने का विकल्प देकर ठगी की जाती थी. सीमित आमदनी वाले किसान सस्ते विकल्प को चुनते और ठग उनके पैसे लेकर मौके से फरार हो जाते थे. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ठगों के मोबाइल, दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त कर सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
प्राथमिकी दर्ज कर जुटा रहे पुख्ता साक्ष्य : थाना प्रभारी
पूरे मामले में नगर थाना प्रभारी ज्ञानरंजन कुमार ने बताया कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. उनसे लगातार गहन पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं, जिसके आधार पर मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाये जा रहे हैं. बताया कि पुलिस पता लगाने में जुटी है कि ठगी की इस वारदात में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने किसानों को निशाना बनाया गया है. आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. कहा कि फिलहाल पूछताछ की प्रक्रिया जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
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