गिरिडीह. देवरी के हीरोडीह थाना क्षेत्र के बरवाबाद मौजा स्थित विवादित भूमि पर शव दफनाने को लेकर बुधवार को दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गयी. देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया. सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया. बाद में दोनों पक्षों की सहमति से मृतक के शव को बैरिया गांव स्थित कब्रिस्तान ले जाकर विधिवत दफन कराया गया.
करीब एक एकड़ जमीन को लेकर चल रहा है विवाद
बताया गया कि बरवाबाद मौजा के खाता संख्या 85, प्लॉट संख्या 6 में करीब एक एकड़ परती गैरमजरुआ जमीन है. इस जमीन पर गांव के अहमद अंसारी और मोहन रजक के परिवार की ओर से सरकारी पट्टा मिलने का दावा किया जा रहा है. जमीन के स्वामित्व और पट्टे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है.
ये भी पढ़ें: SIR के लिए गांवों में कैंप, बेंगाबाद के प्रखंड-अंचल कार्यालय में पसरा सन्नाटा; 15 अक्तूबर तक परेशानी
इसी बीच बुधवार को बरवाबाद गांव निवासी वयोवृद्ध काली मियां का निधन हो गया. निधन के बाद उनके परिजन विवादित जमीन पर शव दफनाने के लिए गड्ढा खोदने लगे. इसकी जानकारी मिलने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गयी.
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही देवरी के अंचलाधिकारी श्यामलाल मांझी, हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्रा, परसन ओपी प्रभारी सोनू कुमार साहू और जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.
अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाया और स्थिति को शांत कराया. प्रशासन की ओर से सरकारी पट्टावाली भूमि का नियमानुसार सीमांकन कर उसे चिन्हित कराने का आश्वासन दिया गया.
इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति बनी और मृतक काली मियां के शव को बैरिया गांव स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया. वहां विधिवत अंतिम संस्कार किया गया. प्रशासन और पुलिस की तत्परता से मामले को तत्काल शांत करा लिया गया.
ये भी पढ़ें: धनवार में खेलो झारखंड प्रतियोगिता का समापन, एथलेटिक्स में खिलाड़ियों ने दिखायी प्रतिभा
मौके पर राजस्व कर्मचारी अरविंद किरण, अमीन सुमित कुमार, बरवाबाद के मुखिया प्रतिनिधि अरुण कुमार यादव, बैरिया के मुखिया प्रतिनिधि राजेंद्र प्रसाद यादव समेत आसपास के ग्रामीण और पुलिस जवान मौजूद थे.
