Giridih News: आजादी के पूर्व खोरीमहुआ में शुरू हुआ था गोशाला मेला

Giridih News: गिरिडीह व देवघर के सीमावर्ती क्षेत्र खोरीमहुआ स्थित गोशाला मैदान में आयोजित दो दिवसीय गोशाला मेला आस्था व विश्वास का प्रतीक है. यहां छठ के मौके पर कृष्ण राधा मंदिर में नोनियाद गढ़ के राज पुरोहित परमानन्द पाठक के द्वारा भगवान कृष्ण, राधा रानी सहित गोपियों की प्रतिमा की विधिवत पूजा शुरू की जाएगी. पूजा सह मेले को ले तैयारी शुरू कर दी गयी है.

गिरिडीह व देवघर जिले के सीमा पर अवस्थित खोरी महुआ मैदान में देवघर जिला के नोनियाद गढ़ के जमींदारों की गाय रहती थी. 1926 में तुलसी नारायण सिंह के जमींदार बनने पर उक्त मैदान में उन्होंने गोशाला का निर्माण कराया और मेला का शुभारंभ भी किया. जमींदार ने गोशाला परिसर में मंदिर, कुआं समेत कई फलदार और इमारती पेड़ भी लगाए. मंदिर और कुआं निर्माण में सीमेंट, बालू और गिट्टी के जगह उड़द दाल का बेसन और पतला गुड से ईट की जोड़ाई की गई थी. लेकिन जमींदारी प्रथा खत्म होने के बाद रख-रखाव के अभाव में मंदिर, पेड़ और कुआं का अस्तित्व खत्म हो गया. हालांकि नोनियाद गढ़ के राज पुरोहित परमानंद पाठक के परिजनों ने नए मंदिर निर्माण की आधार शिला रखी है. लेकिन मंदिर का निर्माण अपूर्ण है.

प्रतिमा स्थापित कर की जाती है पूजा

वर्तमान समय में जमींदार व पुरोहित परिवार के साथ स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा मंदिर परिसर में भगवान कृष्ण राधा रानी की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना किया जाता है. जबकि गोपाष्टमी के दिन मेला का भी आयोजन किया जाता है.

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Author: MAYANK TIWARI

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