डीएवी सीसीएल में करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन
एक बच्चे के लिए एक बेहतर इंसान और देश का अच्छा नागरिक बनने के लिए उनका समग्र विकास आवश्यक है. इसलिए नियमित स्कूली शिक्षा के महत्व को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए. यह कहना है डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल गिरिडीह के प्राचार्य ओम प्रकाश गोयल का. वह रविवार को स्कूल में आयोजित करियर काउंसेलिंग सत्र के दौरान छात्रों व अभिभावकों को संबोधित कर रहे थे. आयोजन का मकसद छात्रों के व्यक्तित्व और रुचि के साथ तालमेल बिठाने वाले करियर की पहचान करने में सहयोग करना था.व्यक्तिगत क्षमता के साथ करियर विकल्प किये गये चिह्नित
प्राचार्य श्री गोयल ने व्यक्तिगत क्षमता के साथ करियर विकल्पों को संरेखित करने के महत्व पर प्रकाश डाला. यह सुनिश्चित करते हुए कि छात्र एक ऐसी यात्रा पर निकल पड़ें जो संतोषजनक और सफल दोनों हो. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना बच्चों को जीवन में बाद में रोजगार के क्षेत्र में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ता है. इस इंटरैक्टिव सत्र में लगभग 100 अभिभावक अपने बच्चों के साथ उपस्थित थे. अभिभावकों ने पारंपरिक या नियमित स्कूलों के बारे में भी अपने विचार साझा किये. उन्होंने कहा कि नियमित स्कूल दोस्ती और नेटवर्क बनाने के अवसर प्रदान करते हैं, जो बाद में जीवन में फायदेमंद हो सकते हैं. गैर-उपस्थित छात्र इन लाभों से वंचित रह सकते हैं.भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम
स्कूल के विभिन्न संकायों के शिक्षकों ने भी अभिभावकों और छात्रों को नियमित या पारंपरिक स्कूलों का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि गैर उपस्थित छात्र प्रभावी अध्ययन की आदतें विकसित नहीं कर सकते हैं. स्कूल के पर्यवेक्षी प्रमुख शबाना रब्बानी और विश्वनाथ घोषाल ने भी निर्णय लेने की प्रक्रिया में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया. उन्होंने कहा कि नियमित या पारंपरिक स्कूल छात्रों को दैनिक संवाद के माध्यम से पारस्परिक कौशल विकसित करने में मदद करते हैं. यह सुविधा गैर-उपस्थित छात्रों में कम विकसित हो सकती है. उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को सूचित विकल्प बनाने में सहायता करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे ऐसा माहौल बने जहां बच्चा सशक्त और स्वीकृत महसूस करे. यह दृष्टिकोण छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हुए आत्मविश्वासी और सक्षम बनने में मदद करेगा.इनकी रही उपस्थिति :
इस मौके पर शिक्षिका सास्वती मुखर्जी, काकूली साहा, कैलाश राम, नियाज खान ने भी अपने विचार व्यक्त किये. धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक विजय कुमार पाठक ने किया. मौके पर शिक्षक सुमन मिश्रा, निशांत गुप्ता, अमित कुमार, बी पटनायक, नागेश्वर पांडेय, दीपक कुमार, दीपांशु कुमार आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
