35-40 हजार का मोबाइल नहीं, बच्चों को दो हजार की किताबें दिलाएं : शिक्षक

जवाहर नवोदय विद्यालय गांडेय में हुई शिक्षक-अभिभावक परिषद की बैठक में बच्चों के भविष्य पर अहम चर्चा हुई. प्राचार्य श्याम नारायण मिश्रा ने अभिभावकों से बच्चों को 12वीं कक्षा तक विद्यालय में पढ़ाने की अपील की. वहीं, शिक्षकों ने महंगे मोबाइल की जगह सस्ती किताबें खरीदने का सुझाव दिया.

जवाहर नवोदय विद्यालय गांडेय में शुक्रवार को शिक्षक-अभिभावक परिषद की बैठक हुई. इसमें विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों के अनुशासन, मोबाइल के इस्तेमाल, खान-पान और पढ़ाई के माहौल समेत विभिन्न मुद्दों पर अभिभावकों के साथ चर्चा की गयी. प्राचार्य श्याम नारायण मिश्रा ने अभिभावकों से बच्चों को कक्षा छह से 12वीं तक विद्यालय में पढ़ाने की अपील की.

मैट्रिक के बाद टीसी लेने से बचें अभिभावक

प्राचार्य ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय में चयनित बच्चों को कक्षा छह से 12वीं तक सात वर्ष की शिक्षा मिलती है, लेकिन मैट्रिक के बाद अधिकांश बच्चे टीसी लेकर विद्यालय छोड़ देते हैं. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई 12वीं तक जारी रखने पर जोर दिया. कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए अभिभावक बच्चों को इनका बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित करें.

उन्होंने बताया कि विद्यालय में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित है. ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल नहीं दें. कई बच्चे बाहर भोजन करने के लिए गांडेय बाजार चले जाते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. अभिभावक बच्चों को बाजार जाने से रोकें और उन्हें अनुशासन के प्रति जागरूक करें.

मोबाइल के बजाय किताबें देने की अपील

शिक्षक राजीव कुमार ने कहा कि शिक्षक, अभिभावक और बच्चों के सामूहिक प्रयास से ही विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार किया जा सकता है. उन्होंने अभिभावकों से 35 से 40 हजार रुपये का मोबाइल फोन देने के बजाय करीब दो हजार रुपये की किताबें खरीदकर देने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चों में सुधार के लिए शिक्षक कभी-कभी सख्त कदम उठाते हैं, लेकिन यह उनके हित में आवश्यक होता है.

उन्होंने अभिभावकों से महीने में कम से कम एक बार विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई, विकास और अनुशासन समेत अन्य विषयों पर चर्चा करने की अपील की.

छुट्टियों में बच्चों को विद्यालय से नहीं ले जाने की अपील

शिक्षिका कुमारी गुंजन ने अभिभावकों से बच्चों को एक डिक्शनरी उपलब्ध कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्य, पूजा और पर्व के नाम पर छुट्टियों के दौरान बच्चों को विद्यालय से नहीं ले जायें, ताकि उन्हें एकाग्र होकर पढ़ाई करने का अवसर मिल सके.

बैठक में सरिया से पहुंचे अभिभावक जयप्रकाश कुमार वर्मा ने विद्यालय में उर्दू के साथ संस्कृत की पढ़ाई भी शामिल करने की मांग रखी. वहीं, जमुआ के मो. ताहिर अली ने नये प्राचार्य की कार्यशैली की सराहना करते हुए विद्यालय में बदलाव नजर आने की बात कही.

15 अभिभावकों का हुआ चयन, 12 सितंबर को बनेगी प्रबंधन समिति

बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन के लिए 15 अभिभावकों का सदस्य के रूप में चयन किया गया. बताया गया कि 12 सितंबर को चयनित 15 सदस्यों के साथ पुनः बैठक होगी. इसमें विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया जायेगा.

बैठक में वरीय शिक्षक मृणाल कुमार गनाय, शिक्षक राजीव कुमार, पंकज कुमार झा, पंकज कुमार, सुमित कुमार पाल, विशाल कुमार झा, डॉ रवींद्र यादव, कुमारी गुंजन, रौशन चौधरी, मोनिका यादव, कृष्णा मुखर्जी, सुप्रिया कुमारी, सुदिप्ता डे, विशाल कुमार साहा, शैल त्रिवेदी समेत शिक्षक और अभिभावक मौजूद थे.


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By Samsul ansari

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