कर्मी के रहने की भी है व्यवस्था
जमुआ प्रखंड की रेंबा पंचायत अंतर्गत पतारडीह गांव में बना तहसील सह कर्मचारी आवास भवन देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया है. वर्ष 2016 में जमुआ के तत्कालीन विधायक केदार हाजरा व सांसद डॉ रवींद्र कुमार राय ने इसका शिलान्यास किया था. इसके निमार्ण 10 माह में पूरा कर लिया गया. निर्माण के बाद भवन में आज तक पंचायत के हल्का कर्मचारियों ने रहने की जरूरत नहीं समझी. इसके कारण भवन में लगाये गये दरवाजे को चोर उखाड़ कर ले गये. भवन के बाहर लगे जेट पंप की चोरी हो गयी. सभी खिड़कियां टूट गयी हैं. प्रदीप तुरी व राजू राम ने बताया कि उक्त भवन का निर्माण हल्का कर्मचारी के रहने और लोगों की जमीन से संबंधित कार्य संपादित करने के लिए करवाया गया था. लेकिन, राजस्व कर्मियों ने यहां रहने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी. इधर, आसपास के ग्रामीणों ने भवन पर कब्जा जमा लिया. ग्रामीण भवन में जलावन, भूसा समेत अन्य सामग्री रखते हैं. हालांकि, इसे अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की मांग कई बार उठायी गयी है, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. क्या कहते हैं मुखियारेंबा के मुखिया धीरन मंडल ने कहा कि यह योजना नौ वर्ष पूर्व की है. भवन बनने के बाद संवेदक ने इसे ग्राम पंचायत को हैंडओवर नहीं किया. यही कारण है कि भवन के दरवाजे आदि की चोरी हो गयी है. अब इस जर्जर भवन में कोई रहना नहीं चाहता है. मरम्मत कराने के लिए वह जिला को लिखेंगे. कुछ लोग यहां निजी रूप से अपना समान रखे हुए हैं. नल-जल योजना के संवेदक ने जो सामान रखा है, उसे हटाया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
