शिलान्यास हुआ, भवन भी बना… लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं? गिरिडीह के बगोदर में युवाओं का भविष्य अधर में

Bagodar Degree College News: गिरिडीह के बगोदर में 13.19 करोड़ की लागत से बना तीन मंजिला सरकारी डिग्री कॉलेज का भवन धूल फांक रहा है. संवेदक ने भवन हैंडओवर कर दिया है और वीबीयू की टीम ने निरीक्षण भी कर लिया, लेकिन एक साल बाद भी शैक्षणिक सत्र शुरू नहीं हो सका. आखिर कब खत्म होगा छात्रों का गिरिडीह और हजारीबाग का चक्कर? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Bagodar Degree College News, गिरिडीह: गिरिडीह के बगोदर प्रखंड के मंझलाडीह कृषि फॉर्म परिसर सरकारी डिग्री कॉलेज का भवन बनकर पूरी तरह से तैयार हो है. भवन के बने हुए एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई है. बता दें कि करीब 13 करोड़ 19 लाख की लागत से बगोदर पुरानी जीटी रोड मंझलाडीह में दो साल पूर्व बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह के पहल पर बगोदर में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी डिग्री कॉलेज की स्वीकृति हुई थी. इसका शिलान्यास सांसद अन्नपूर्णा देवी और पूर्व शिक्षा मंत्री स्व जगरनाथ महतो ने वर्ष 2022 में किया गया था. पढ़ाई के लिए तीन मंजिला भवन का निर्माण करवाया गया. भवन निर्माण के शिलान्यास के दौरान ही यहां के छात्र-छात्रों में उम्मीद जगी थी कि सरकारी डिग्री कॉलेज खुलने से अब हजारीबाग, गिरिडीह जाने से बचेंगे. लेकिन, निर्माण पूरा होने के एक साल बाद भी पढ़ाई शुरू करने की पहल नहीं हुई है.

Also Read: देवघर में माफियाओं का नया जुगाड़: पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रैक्टर पर बिछाई पुआल, नीचे मिला अवैध बालू!

संवेदक ने भवन प्रमंडल को सौंपा भवन

बता दें कि उक्त भवन को निर्माण कार्य पूरा करने के बाद संवेदक ने भवन प्रमंडल को सौंप दिया है. छह माह पूर्व ही पढ़ाई शुरू कराने के लिए विनोबा भावे यूनिवर्सिटी की एक टीम ने कॉलेज के लिए निरीक्षण भी किया गया था. इसमें भवन पूरा होने की बात बताई थी. साथ ही टीम के द्वारा जल्द ही इसे चालू करने की दिशा में पहल करने की बात कहीं थी. लेकिन, अभी तक कोई पहल शुरू नहीं हुई है. मॉडल सरकारी डिग्री कॉलेज की देख रेख करने वाले गार्ड भोला रविदास ने बताया कि विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के अंतर्गत भवन देखरेख के लिए तीन गार्ड को बहाल किया है.

क्या कहते हैं विधायक

विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि बगोदर में सरकारी डिग्री कॉलेज का भवन बनकर तैयार है. इसे चालू करने को लेकर विधानसभा में भी बात रखी गयी है. सरकार का यह दायित्व बनता है कि बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हेतु बने सरकारी डिग्री कॉलेज को जल्द शुरू कराये जाये, ताकि छात्रों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़े.

Also Read: प्रभात खबर का असर: DMFT मामले में केंद्र ने झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट, अब नपेंगे अफसर!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >