शनिवार को युवक को जेल भेज दिया, जबकि नाबालिग छात्रा को सीडब्ल्यूसी के हवाले कर दिया. बताया जाता है कि मोतीलेदा पंचायत के एक गांव की नाबालिग छात्रा 15 दिन पूर्व स्कूल जाने के लिए घर से निकली. इसके बाद वह घर नहीं लौटी. खोजबीन के बाद पता चला कि उसकी पुत्री के साथ एक युवक मोबाइल से बातचीत करता था. परिजनों ने जब उक्त नंबर पर फोन किया, तो युवक ने फोन रिसीव करते हुए नाबालिग छात्रा के यूपी में होने की जानकारी देकर मोबाइल बंद कर दिया. इसके बाद परिजनों ने बेंगाबाद थाना में आवेदन देकर पुलिस से मदद की मांग की. कांड अंकित कर एसआई विजय कुमार मंडल नाबालिग की सकुशल बरामदगी में जुट गये. तकनीकी मदद का सहारा लेते हुए वे यूपी पहुंच गये. शुक्रवार को यूपी के कासगंज जिले के गंज डुंडवारा थाना क्षेत्र के नगला भीखम गांव में छापेमारी करते हुए नाबालिग को बरामद किया. पुलिस ने भगाने वाले युवक विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया. दोनों को लेकर पुलिस टीम शनिवार को थाना पहुंची.
किशोरी ने युवक को गिरिडीह बुलाया
पूछताछ में आरोपी युवक विशाल ने बताया कि दोनों की पहचान सोशल मीडिया से हुई थी. इसके बाद दोनों एक दूसरे से प्रेम करने लगे. प्रेम परवान चढ़ने पर किशोरी उसके साथ जाने की बात कहते हुए उसे गिरिडीह बुलायी. वह गिरिडीह पहुंच गया. वहीं, छात्रा भी स्कूल की जगह गिरिडीह पहुंची. दोनों बस से धनबाद और वहां से ट्रेन से यूपी पहुंच गया. युवक ने नाबालिग छात्रा को अपने घर ले गया. किशोरी के सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है.
