हाथियों का झुंड ने सरिया के जंगल में फिर से दस्तक दिया है. शुक्रवार की रात लगभग डेढ़ बजे 32 हाथियों का झुंड बागोडीह गांव पहुंचा. झुंड ने कई गांव के कई किसानों की चहारदीवारी को तोड़कर फसलों को रौंद दिया. इससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है. हाथी सबसे पहले गांव में किस्टो राम व रघु राम के किचन गार्डेन तथा रबी फसल लगे बगीचों की दीवारों को तोड़कर लगभग डेढ़ एकड़ जमीन में लगी गेहूं व जेठुआ फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया. इससे दोनों को लगभग तीन लाख का नुकसान हुआ. इसके बाद हाथियों का झुंड सोबरन कुम्हार, लखन पंडित व राजेश पंडित के बाड़ की दीवार को तोड़कर उसमें लगी प्याज, केला, गन्ना व हरी सब्जियों की फसलों को रौंद डाला. हाथियों के चिंघाड़ सुनकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया. सूचना पर तत्काल वन विभाग की टीम गांव पहुंची और मशाल, पटाखे तथा सायरन बजाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने शुक्रवार की रात लगभग दो घंटे उत्पात मचाया. इन्होंने वन विभाग से नुकसान की भरपाई की मांग वन विभाग से की है. बता दें कि प्रत्येक वर्ष हाथियों का झुंड क्षेत्र में आता है. जब भी हाथी गांव में प्रवेश करते हैं, तब सबसे अधिक नुकसान किसानों को पहुंचाते हैं. हाथी फसल, मकान, चहारदीवारी आदि को नुकसान पहुंचा चलें जाते हैं. ग्रामीण इसकी सूचना वन विभाग को देते हैं, तो विभाग के कर्मी गांव पहुंचते हैं और हाथियों को दूसरे क्षेत्र में भगा देते हैं. अभी तक इस समस्या के स्थायी समाधान का कोई पहल नहीं हुआ हैं. सतर्क रहें ग्रामीण, झुंड भगाने का हो रहा प्रयास : रेंजर
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