Giridih News: सफेद पत्थर की तस्करी में जुटे दो ट्रक पकड़ाए, चालक फरार

Giridih News: बेंगाबाद के हतवा जंगल से ट्रकों में सफेद पत्थर की तस्करी पर सक्रिय हुई वन विभाग की टीम ने बुधवार की रात भी छापेमारी अभियान चलाया. इस दौरान जंगल से निकल रहे पत्थर लदे दो ट्रकों को पकड़ा. हालांकि ट्रक चालक वाहन छोड़ जंगल के रास्ते भाग निकलने में सफल रहे.

By Prabhat Khabar News Desk | March 6, 2025 10:33 PM

दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर विभागीय अधिकारी रेंज कार्यालय बेंगाबाद आ गये. छानबीन के बाद अवैध धंधे से जुडे माफियाओं की पहचान कर विभाग कार्रवाई में जुट गयी है. इससे पहले सोमवार की रात में भी विभाग की टीम ने सफेद पत्थर की तस्करी में लगे एक ट्रैक्टर को जब्त किया था.

डीएफओ को मिली थी जानकारी

डीएफओ मनीष तिवारी को गुप्त जानकारी मिली थी कि गोलगो पंचायत के हतवा जंगल से सफेद पत्थरों का अवैध तरीके से उत्खनन कर गिरिडीह के पंचबा इलाके में संचालित फैक्ट्री में खपाया जा रहा है. यह धंधा पिछले कई महीनों से संचालित हो रहा है.

इसके बाद बुधवार की रात डीएफओ व गिरिडीह वन प्रमंडल के कर्मी बेंगाबाद पहुंचे. रात में ही बेंगाबाद में पदस्थापित प्रभारी वनपाल दिवाकर तांती और अन्य वनरक्षी छापेमारी के लिए पारडीह के रास्ते मोहनियांपहाडी जंगल की ओर प्रस्थान किये.

पारडीह मोड़ के बाद जंगल की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते में जैसे ही अधिकारियों की टीम पहुंची सामने से आ रहे दो ट्रकों पर नजर पड़ी. भनक लगने पर ट्रक चालक वाहन को खड़ा कर जंगल में भाग गये. इस दौरान वन विभाग की टीम ने दोनों ट्रकों को कब्जे में ले लिया.

जांच में पाया गया कि दोनों वाहनों में सफेद पत्थरों को लोडकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था. दोनों ट्रक (जेएच-11-के-8669 और जेएच-11-वी-2126) को रेंज कार्यालय लाया गया.

दोनों ट्रकों में 70 टन से अधिक सफेद पत्थर है लोड : फॉरेस्टर

फाॅरेस्टर दिवाकर तांती ने बताया कि दोनों ट्रकों में 70 टन से अधिक सफेद पत्थर लोड है. कहा कि धंधेबाजों की पहचान करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने में विभाग जुट गयी है.

छापेमारी टीम में डीएफओ, वनरक्षी छोटू दास, मुकेश दास, सुनील हेंब्रम, रमेश टुडू, दीपक कुमार, बमशंकर कुमार सहित अन्य कर्मी साथ थे.

वन विभाग की कार्रवाई से माफियाओं में हडकंप

हतवा जंगल से अवैध तरीके से वनभूमि में खुदाई कर सफेद पत्थरों की तस्करी के मामले में विभाग ने दो दिनों के अंदर एक ट्रैक्टर और दो ट्रक को पकड़ने में कामयाब रही है. तीनों वाहनों में सफेद पत्थर लोड थे. बताया जाता है कि हतवा जंगल में बेशकीमती खनिज पदार्थ भरपूर मात्रा मे है, इसपर तस्करों की गिद्द दृष्टि लगी हुई है.

लंबे समय से स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शहर के फैक्ट्री संचालक पत्थरों की अवैध तरीके से तस्करी कर रहे हैं. यह धंधा लंबे समय से फल फूल रहा है. लगातार विभागीय कार्रवाई के बाद भी धंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. बताया जाता है कि सफेद पत्थर का जिले में लीज भी नहीं है.

बावजूद एक दर्जन से अधिक फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है. सभी फैक्ट्री में हतवा जंगल से सफेद पत्थर की आपूर्ति की जाती है. जानकारों के मुताबिक फैक्ट्री संचालक पकड़े जाने से बचने के लिए बिहार के खदान संचालकों के साथ मिलीभगत कर चालान की व्यवस्था करते हैं, लेकिन वहां के बजाय बेंगाबाद के हतवा जंगल से पत्थर को निकालकर विभिन्न वाहनों से ले जाते हैं.

वहीं इस धंधे से जुड़े धंधेबाजों का नेटवर्क भी मजबूत है. कभी कभार वनरक्षियों की कार्रवाई होने पर माफिया मारपीट कर पकड़े गये वाहनों को भी छुड़ा ले जाने में कामयाब हुए हैं. हालांकि प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. बावजूद धंधा थमने का नाम नहीं ले रही है.

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