Giridih News :त्रिवेणी में मकर संक्रांति उत्सव की तैयारी पूरी

Giridih News :देवरी व जमुआ प्रखंड में स्थित त्रिवेणी संगम में मकर संक्रांति उत्सव की सारी तैयारी पूरी हो गयी है. परंपरा के मुताबिक मकर संक्रांति के अवसर पर 12 जनवरी से यहां पर पवित्र स्नान प्रारंभ हो जायेगा.

By PRADEEP KUMAR | January 11, 2026 11:30 PM

12 से 15 जनवरी तक गंगा पुष्करणी स्नान के लिए श्रद्धालु यहां जुटेंगे. इस अवधि में 14 जनवरी की रात्रि यहां स्थित काली मंदिर में पुजारी त्रिलोकी बाबा के नेतृत्व में मां काली (तारा) की विशेष पूजा की जायेगी. भजन कार्यक्रम भी होगा. वहीं, 15 जनवरी को विशेष गंगा पुष्करणी मेला व भंडारा होगा.

तीन गांवों के बोर्डर पर है नदियों का मिलन स्थल

त्रिवेणी तीन नदियों के मिलन स्थल के साथ तीन गांवों का भी बोर्डर भी है. जमुआ प्रखंड के चांदडीह व देवरी प्रखंड के मकडीहा तथा नावाबांध की सीमा पर देवरी प्रखंड से निकलने वाली गोदावरी व करमा नदी का मिलन उसरी नदी में होता है. तीन नदियों के मिलन स्थल के इस त्रिवेणी स्थल पर पवित्र स्न्नान की परंपरा कई दशक पुरानी है.

शुभ कार्य से पहले स्न्नान के लिए जुटते हैं लोग

परंपरा के मुताबिक इस क्षेत्र में यज्ञ आयोजन, गृह प्रवेश, कार्तिक उद्यापन, अनुष्ठान व छठ महापर्व आयोजित करवाने के पूर्व लोग यहां पवित्र स्न्नान के लिए आते हैं. स्न्नान के बाद लोग यहां काली मंदिर में पूजा करते हैं. अनुमान के मुताबिक प्रत्येक दिन पांच सौ से एक हजार लोग यहां स्न्नान के लिए आते हैं. इसके अलावे यहां स्थित श्मशान घाट में शवों का दाह संस्कार, अस्थि विसर्जन, शुद्धिकर्म व पिंडदान आदि भी करवाया जाता है.

मनोकामना होती है पूरी : त्रिलोकी बाबा

मकर संक्रांति के अवसर पर यहां पर स्न्नान करने का विशेष महत्व है. मकर संक्रांति के दूसरे दिन यानि खिचड़ी के अवसर पर संगम स्थल पर स्नान के लिए श्रद्धालु उमड़ते हैं. इस दिन यहां हजारों की भीड़ उमड़ती है. मंदिर के पुजारी त्रिलोकी बाबा के अनुसार यहां स्न्नान व पूजन करने पर सभी मनोकामना पूरी होती है. कहा कि यह स्थल प्राचीन सनातन परंपरा की धरोहर है. त्रिवेणी में पुष्करणी स्न्नान के लिए लोग जुटते हैं.

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