बेटी को विदा नहीं कराने पर ससुराल वालों को बनाया बंधक

झुमरीतिलैया (कोडरमा) : धनबाद-गया रेलखंड के गझंडी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की सुबह एक युवक और युवती ने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी. मृतकों की पहचान 20 वर्षीय पवन पासवान उर्फ सचिन (पिता किशुन पासवान) 19 वर्षीय नीलू देवी (पति पवन कुमार) के रूप में हुई है. युवक बरकट्ठा (हजारीबाग) के चांदगढ़ […]

झुमरीतिलैया (कोडरमा) : धनबाद-गया रेलखंड के गझंडी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की सुबह एक युवक और युवती ने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी. मृतकों की पहचान 20 वर्षीय पवन पासवान उर्फ सचिन (पिता किशुन पासवान) 19 वर्षीय नीलू देवी (पति पवन कुमार) के रूप में हुई है. युवक बरकट्ठा (हजारीबाग) के चांदगढ़ और युवती नौडीहा जुमराव (गया) के रहने वाले थे.

घटना पोल संख्या 403/10 व 12 के बीच डाउन लाइन पर हुई. सूचना पाकर पहुंची जीआरपी कोडरमा ने दोनों शवों को अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. जान देनेवाले दोनों प्रेमी युगल बताये जा रहे हैं. इसमें युवक अविवाहित और युवती विवाहिता थी.
जानकारी के अनुसार दोनों प्रेमी युगल गुरुवार को मिले और काफी देर तक गझंडी स्टेशन पर बातचीत कर रहे थे. इसी बीच सुबह करीब 9:30 बजे प्रेमी सचिन अपनी प्रेमिका नीलू का हाथ पकड़ कर रेलवे ट्रैक पर कूद गया. उसी समय गुजर रही पटना-रांची जनशताब्दी (ट्रेन संख्या 12365) की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गयी.
घटनास्थल पर युवक-युवती का शव एक साथ देखकर रेलवे के अधिकारी भी पहुंचे. इसी में से एक लोको पायलट सह चांदगढ़ निवासी ने दोनों की पहचान की और परिजनों को सूचना दी. बताया जाता है कि प्रेमी के साथ जान देने वाली नीलू का मायके मृतक युवक के गांव चांदगढ़ में ही है.
चांदगढ़ निवासी केदार पासवान की पुत्री का प्रेम प्रसंग शादी के पूर्व से ही मृतक युवक के साथ चल रहा था, पर इसी बीच 2017 में परिजनों ने उसकी शादी फतेहपुर निवासी दूसरे युवक से कर दी थी.
एक रात पहले ससुराल से निकली थी युवती
घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे मृतका के पति पवन कुमार ने बताया कि बुधवार की रात नौ बजे नीलू ने ससुराल में सभी को खाना खिलाया. इसके बाद सभी सोने के लिए चले गए. सुबह उठे तो देखा नीलू नहीं है. काफी खोजबीन की, पर कुछ पता नहीं चला. इसी बीच जानकारी मिली कि उसने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी है. जीआरपी पूरे मामले की जांच कर रही है.
बंदियों के स्वास्थ्य की देख-रेख स्वास्थ्य विभाग के जिम्मे : जेल अधीक्षक
प्रभारी जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह का कहना है कि मंडल कारा गिरिडीह में बंदियों की संख्या प्रतिदिन घटती-बढ़ती रहती है.
प्रतिदिन वहां गिरफ्तार किये गये बंदी पहुंचते रहते हैं. बंदियों को बेल या रिहा होने पर छोड़ा जाता है. बुधवार को वहां 1102 बंदी मौजूद थे. गुरुवार 1087 बंदी मौजूद हैं. बंदियों के स्वास्थ्य की देख-रेख की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है.
सदर अस्पताल के दवाखाना में कर्मी संकट
इधर सदर अस्पताल के दवाखाना में कार्यरत कर्मी अफताब आलम को वहां पदस्थापित कर दिये जाने से सदर अस्पताल के दवाखाना में भी कर्मी का संकट हो गया है. इससे सदर अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को 24 घंटे दवा मिल पाना असंभव हो गया है.
सदर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि यहां कर्मियों की कमी है. इसके बाद भी यहां के कर्मियों को मंडल कारा में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. इससे यहां मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है.
सरकार ही कर सकती है नियुक्ति : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. रामरेखा प्रसाद ने कहा कि मंडल कारा के अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक की कमी है. वहां चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी को नियुक्त सरकार ही कर सकती है.
सदर अस्पताल से वैकल्पिक व्यवस्था दी गयी है. मंडल कारा के स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी की सेवानिवृत्ति पर वहां अफताब आलम को प्रतिनियुक्त किया गया है. इससे वहां का कार्य प्रभावित होने की कोई संभावना नहीं है.

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