ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
पुलिस ने अस्पताल का ताला तोड़कर अल्ट्रासाउंड मशीन समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री की बरामद
पुलिस ने अस्पताल का ताला तोड़कर अल्ट्रासाउंड मशीन समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री की बरामद जांच के बाद निजी क्लिनिक को किया गया सील प्रतिनिधि भवनाथपुर भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महज सौ मीटर की दूरी पर स्थित एक निजी क्लिनिक में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा किये गये ऑपरेशन से एक महिला इंदु देवी की मौत हो गयी. इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है. शनिवार को मृतका के परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग, पुलिस महकमा और विधायक के पुत्र मौके पर पहुंचे. इस दौरान अस्पताल का ताला तोड़कर तलाशी ली गयी, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई. जानकारी के अनुसार निजी क्लिनिक के संचालक झोलाछाप डॉक्टर ने इंदु देवी के बच्चेदानी का ऑपरेशन किया, जिसके बाद उनकी मौत हो गयी. यह पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी इसी क्लिनिक में एक मरीज की मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. 17 दिसंबर को इंदु देवी को बच्चेदानी में तकलीफ होने पर परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए शिव शरण सेवा संस्थान लाया था. यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी और 50 हजार रुपये खर्च की बात कही. परिजनों ने पूरी राशि चुकता करने के बाद उसी रात ऑपरेशन किया गया. इंदु देवी के भाई राहुल कुमार के अनुसार, ऑपरेशन के अगले दिन, यानी 18 दिसंबर को, इंदु देवी ने तबीयत खराब होने की शिकायत की और बच्चों का ध्यान रखने की बात कही. उनकी हालत लगातार बिगड़ती गयी, और 19 दिसंबर की सुबह डॉक्टर उन्हें अपनी कार से राबर्ट्सगंज ले गये. वहां एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें बनारस भेजने की बात कहकर डॉक्टर फरार हो गये. इसके बाद इंदु देवी की मौत हो गयी. क्लिनिक का पंजीकरण किसी और के नाम पर है: डॉ दिनेश वनाथपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि क्लिनिक का पंजीकरण किसी अन्य डॉक्टर के नाम पर है, जिसकी जानकारी अब प्राप्त की जायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन करने के लिए सर्जन होना जरूरी है, जो कि उक्त चिकित्सक के पास नहीं था.
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