प्रतिनिधि, खरौंधी प्रखंड के डिहवार टोला स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय इन दिनों भीषण जलसंकट से गुजर रहा है. विद्यालय में डीप बोरिंग सूख जाने के कारण बच्चों और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बनाने वाली रसोइयों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय की रसोइया खाना बनाने के लिए दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं. वहीं बच्चों को भी प्यास बुझाने के लिए विद्यालय परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है.विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुजित कुमार द्विवेदी ने बताया कि पिछले दो महीनों से स्कूल में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में खरौंधी के ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को लिखित आवेदन देकर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. अधिकारियों की इस उदासीनता का खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. प्रधानाध्यापक के अनुसार, विद्यालय में पहले भी एक बोरिंग करायी गयी थी, जो अब बेकार हो गयी है. इसके बाद दूसरी डीप बोरिंग करायी गयी, लेकिन अब उसने भी पानी नहीं है. वर्तमान में विद्यालय की पानी टंकी शो-पीस बनकर रह गयी है और बच्चे उसके नीचे प्यासे खड़े रहने को मजबूर हैं. प्रधानाध्यपक ने कहा कि दो माह से विद्यालय में पानी की समस्या विकराल है. रसोइया दूर से पानी लाती हैं, तब जाकर बच्चों का खाना बनता है.
डीप बोरिंग सूखने से विद्यालय में दो माह से जलसंकट
डीप बोरिंग सूखने से विद्यालय में दो माह से जलसंकट
