विद्यालय का ताला खोलकर एमडीएम का चावल ले जा रहा युवक पकड़ा गया

झारखंड के डंडई स्थित मध्य विद्यालय में एमडीएम का चावल चोरी करते हुए एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

डंडई, गढ़वा: डंडई प्रखंड के करके मध्य विद्यालय में बुधवार की शाम विद्यालय का ताला खोलकर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चावल बाहर निकालने का मामला सामने आया. चावल ले जा रहे एक युवक को ग्रामीणों और वार्ड सदस्यों ने मौके पर पकड़ लिया. घटना के बाद गुरुवार को विद्यालय खुलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक परिसर में जुट गये. बैठक कर विद्यालय प्रबंधन से पूरे मामले में जवाब मांगा गया और एमडीएम के खाद्यान्न की कथित कालाबाजारी की जांच कराने की मांग की गयी.

जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम करीब सात बजे विद्यालय का ताला खोलकर एमडीएम का चावल बाहर निकाला जा रहा था. इसी दौरान वार्ड नंबर दो के सदस्य मिथिलेश प्रजापति और वार्ड नंबर आठ के सदस्य प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे. दोनों ने चावल ले जा रहे युवक को पकड़ लिया. उसकी पहचान मेराल थाना क्षेत्र के बाना निवासी देवकुमार पासवान के रूप में बतायी गयी है. ग्रामीणों की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों ने चावल अपने पास रख लिया, जबकि युवक को रात में घर जाने दिया गया.

ग्रामीणों ने जांच की मांग की

गुरुवार की सुबह विद्यालय खुलने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों की बैठक हुई. इसमें विद्यालय की अध्यक्ष सीमा कुंअर, संयोजिका कल्पना देवी और प्रधानाध्यापक धनंजय तिवारी से पूछताछ की गयी. ग्रामीणों ने तीनों पर मिलीभगत कर बच्चों के भोजन के लिए उपलब्ध चावल की कथित कालाबाजारी करने का आरोप लगाया. हालांकि, विद्यालय प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया. प्रधानाध्यापक ने कहा कि यदि आरोप सत्य साबित होता है, तो वह अपना इस्तीफा दे देंगे.

बैठक में अध्यक्ष और संयोजिका ने प्रधानाध्यापक पर बीआरसी कार्यालय के नाम पर तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च बताकर राशि की व्यवस्था कराने का भी आरोप लगाया. हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. ग्रामीणों ने एमडीएम स्टॉक रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख, खर्च का ब्योरा और ऑडिट से संबंधित कागजात की जांच की मांग की.

दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई

मामले में जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने कहा कि मामला गंभीर है. जांच करायी जायेगी और दोषी पाये जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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