गढ़वा: स्कूल में घुसकर महिला शिक्षक से अभद्रता पड़ी महंगी, पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल

मझिआंव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने वाले आरोपी योगेंद्र चंद्रवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

मनोज कुमार दुबे की रिपोर्ट

मझिआंव (गढ़वा). मझिआंव प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय ऊंचरी की सहायक शिक्षिका शाइस्ता सुल्ताना के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के मामले में मझिआंव पुलिस ने आरोपी योगेंद्र चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

मझिआंव थाना में दर्ज हुआ था मामला

पुलिस के अनुसार, शिक्षिका की लिखित शिकायत पर मझिआंव थाना कांड संख्या 87/2026, दिनांक 11 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 115(2), 132, 329(4), 351(2) एवं 352 के तहत कार्रवाई की गयी है.

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घटना के बाद बिगड़ गयी थी तबीयत

बताया गया कि गुरुवार को योगेंद्र चंद्रवंशी विद्यालय पहुंचा और शिक्षिका के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया. घटना के बाद शिक्षिका की तबीयत बिगड़ गयी. उन्हें बेहोशी की हालत में मझिआंव रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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पूर्व में भी नशे की हालत में कर चुका है हंगामा

शिक्षिका ने पुलिस को दिये आवेदन में आरोप लगाया था कि उक्त युवक पूर्व में भी नशे की हालत में विद्यालय पहुंचकर हंगामा कर चुका है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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