गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News : झारखंड के गढ़वा जिले की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर ‘सरस्वती नदी’ को बचाने के लिए युवा अभिषेक भारद्वाज द्वारा शुरू किया गया. आंदोलन अब एक बड़े जन-अभियान का रूप लेता जा रहा है. इस मुहिम को उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब ‘भारत करणी सेना’ की गढ़वा जिला युवा इकाई ने आंदोलन में शामिल होकर इसे अपना पूर्ण और सक्रिय समर्थन देने की घोषणा की.
रंका मोड़ पर अकेले खड़े होकर चला रहे जागरूकता अभियान
बता दें कि युवा अभिषेक भारद्वाज पिछले कई दिनों से शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले रंका मोड़ पर भीषण गर्मी और तेज धूप में हाथों में तख्ती लेकर अकेले खड़े हैं. उनका उद्देश्य शहरवासियों को अपनी जीवनदायिनी सरस्वती नदी के प्रति जागरूक करना है. अभिषेक का आरोप है कि गढ़वा के अधिकारी, विधायक, मंत्री और सांसद नदी को बचाने की दिशा में गंभीर नहीं हैं. उन्होंने उपायुक्त से भी सरस्वती नदी के अस्तित्व को बचाने की गुहार लगाई है.
भारत करणी सेना ने आंदोलन को दिया समर्थन
अभिषेक भारद्वाज के इस संघर्ष को देखते हुए भारत करणी सेना ने इस मुहिम को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है. भारत करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि सरस्वती नदी सिर्फ एक जलस्रोत नहीं, बल्कि गढ़वा की पहचान और हमारी संस्कृति का हिस्सा है. यदि शासन और प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा है, तो युवाओं को खुद आगे आकर समाज के साथ मिलकर नदी को बचाने की पहल करनी होगी. उन्होंने कहा कि करणी सेना इस अभियान में हर संभव सहयोग करेगी.
अतिक्रमण और गंदगी से दम तोड़ रही हैं शहर की नदियां
गढ़वा शहर के बीच से बहने वाली दो प्रमुख नदियां दानरो और सरस्वती, आज प्रशासनिक उपेक्षा, अवैध अतिक्रमण और गंदगी के कारण नाले में तब्दील होने की कगार पर हैं. सीवरेज का गंदा पानी सीधे नदियों में बहाया जा रहा है.करणी सेना के इस मुहिम से जुड़ने के बाद अब शहरवासियों में भी उम्मीद जगी है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस मांग को लगातार तेज कर रहे हैं कि यदि इन नदियों को आज नहीं बचाया गया, तो आने वाले दिनों में गढ़वा को भारी जल संकट और पर्यावरणीय संतुलन के खतरे से कोई नहीं बचा पाएगा. युवाओं के इस तेवर को देखकर अब यह देखना लाजमी होगा कि स्थानीय प्रशासन इस पर क्या ठोस कदम उठाता है. मौके पर करणी सेना के गढ़वा युवा इकाई के प्रियांशु सिंह, विशाल, शिवम मौजूद थे.
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