नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपी को 20 साल का सश्रम कारावास

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने मंगलवार को एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में फैसला सुनाया है.

एक लाख जुर्माना गढ़वा. विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने मंगलवार को एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में फैसला सुनाया है. अदालत ने दोषी रितेश चंद्रवंशी उर्फ रितेश कुमार को 20 वर्ष का सश्रम कारावास और एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना की सजा सुनायी है. सजा पाने वाला रितेश चंद्रवंशी विशुनपुरा थाना क्षेत्र के पिपरी कला का निवासी है. यह मामला शहर थाना कांड संख्या 18/2024 (दिनांक 29 जनवरी 2024) के तहत दर्ज किया गया था. पीड़िता की मां द्वारा दिये गये लिखित आवेदन के अनुसार, उनकी नाबालिग घटना से पहले मंगरदह में ट्यूशन पढ़ने जाती थी. इसी दौरान उसके साथ जबरदस्ती छेड़छाड़ की जाती थी. अनुसंधान के दौरान यह पाया गया कि नाबालिग को उसकी भाभी अपने बॉयफ्रेंड से मिलवाने के बहाने मंगरदह ईंट भट्ठे के नजदीक रहर के खेत के पास लेकर गयी थी. इसी जगह पर आरोपी रितेश चंद्रवंशी ने जबरदस्ती संबंध बनाकर लड़की का आपत्तिजनक फोटो खींच लिया था. बाद में वह इस फोटो को वायरल करने की धमकी देकर नाबालिग को ब्लैकमेल करता था और नाजायज संबंध बनाने का दबाव डालता था. पीड़िता की मां के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी , पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रितेश चंद्रवंशी को 13 फरवरी 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किया. .अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता साकेत प्रताप देव ने पैरवी की.

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By VIKASH NATH

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