जनजाति परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है 'PVTG डाकिया योजना', 8 हजार परिवारों के घर तक पहुंचा राशन

गढ़वा में पीभीटीजी डाकिया योजना के तहत 8 हजार आदिम जनजाति परिवारों को घर बैठे राशन मिल रहा है। जानिए कैसे प्रशासन खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

गढ़वा: जिले के दूर-दराज और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आदिम जनजाति परिवारों के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की 'पीभीटीजी डाकिया योजना' वरदान साबित हो रही है. गढ़वा जिले में इस योजना के माध्यम से 8 हजार से अधिक आदिम जनजाति परिवारों (लगभग 30 हजार सदस्यों) को सीधे तौर पर अंत्योदय अन्न योजना से आच्छादित किया गया है.

29450 परिवारों को हर माह 35 किलो राशन

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजाति के परिवारों को राशन दुकानों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और उनके घर तक पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न पहुंचाना है. जिले में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करते हुए अंत्योदय योजना के तहत कुल 29 हजार 4 सौ 50 परिवारों को हर माह 35 किलो खाद्यान्न तथा पूर्विकता प्राप्त गृहस्थ योजना के तहत 11 लाख 72 हजार 600 सदस्यों को प्रति सदस्य 05 किलो खाद्यान्न नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है.

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वरदान साबित हो रही है 'PVTG डाकिया योजना'

गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि आदिम जनजाति परिवारों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. PVTG डाकिया योजना के तहत सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी आदिम जनजाति परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे और उनके घर तक गुणवत्तापूर्ण राशन समय पर पहुंचे. प्रशासन की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही है ताकि आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे.


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By Avinash singh

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