गढ़वा: आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाना में निःशुल्क मोतियाबिंद जांच शिविर

आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाना में आयोजित निःशुल्क मोतियाबिंद जांच शिविर में 100 मरीजों की जांच हुई, जिनमें से 27 मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए. इन सभी का निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा.

गढ़वा. आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाना में सोमवार को निःशुल्क मोतियाबिंद जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में कुल 100 मरीजों की आंखों की जांच की गयी. जांच के दौरान 27 मरीज मोतियाबिंद से ग्रसित पाए गए. इसके अलावा अन्य मरीजों में आंखों से संबंधित विभिन्न बीमारियों की भी जांच की गयी और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया.

मोतियाबिंद से ग्रसित पाये गये 27 मरीजों का आगामी 23 सितंबर को राधिका नेत्रालय, चिरौजिया मोड़, गढ़वा में लेंस प्रत्यारोपण विधि से निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा.मरीजों को निर्धारित तिथि पर राधिका नेत्रालय पहुंचने की जानकारी दी गई.शिविर का आयोजन लायंस क्लब ऑफ गढ़वा, राजालक्ष्मी ट्रस्ट एवं राधिका नेत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.

शिविर के दौरान मरीजों को आंखों की नियमित जांच कराने तथा आंखों में किसी प्रकार की परेशानी होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया गया.

शिविर को सफल बनाने में सुशील कुमार, सुनील कुमार, मंगली कुमारी सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. आयोजनकर्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह के शिविर आगे भी आयोजित किए जायेंगे.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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