चिनिया में आबादी के बीच पहुंचे हाथी, फसल बर्बाद होने से ग्रामीणों में दहशत

चिनिया प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक जारी है. हाथियों के झुंड ने आबादी वाले इलाकों में घुसकर किसानों की धान और मकई की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इससे ग्रामीणों में भय और वन विभाग के प्रति आक्रोश का माहौल है.

चिनिया. प्रखंड मुख्यालय के आसपास सेमरा टांड़ टोला और यादव टोला क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक जारी है. रविवार की शाम हाथियों का झुंड आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया. हाथियों ने कई किसानों के खेतों में लगी धान और मकई की फसल को खाकर व रौंदकर नष्ट कर दिया. इससे ग्रामीणों में भय के साथ वन विभाग के प्रति आक्रोश भी है.

कई किसानों की फसल को पहुंचा नुकसान

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने नईमुद्दीन अंसारी के करीब एक एकड़ में लगी मकई, लालती कुंवार के करीब डेढ़ एकड़ में लगी धान व मकई, साह मोहम्मद अंसारी के एक एकड़ में लगी धान, फूल मोहम्मद अंसारी के एक एकड़ में लगी मकई तथा जिधन यादव के करीब डेढ़ एकड़ में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया.

इसके अलावा कोमल यादव के करीब 50 डिसमिल और रामप्रवेश यादव के करीब एक एकड़ में लगी मकई सहित अन्य किसानों की फसलों को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया.

आबादी में हाथियों के पहुंचने से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व चिनिया क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद हाथियों की आवाजाही आबादी वाले क्षेत्रों में बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर नहीं किया गया, तो बड़ी घटना हो सकती है.

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है.

वन विभाग ने नुकसान का लिया जायजा

वनपाल उत्तम कुमार ने बताया कि हाथियों द्वारा किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाये जाने की जानकारी मिली है. वनरक्षी पासकल को स्थल पर भेजकर नुकसान का जायजा लिया गया है. उन्होंने बताया कि आकलन रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देने की प्रक्रिया की जायेगी.

स्थल जांच के लिए पहुंचे वनरक्षी पासकल ने बताया कि कुछ किसानों के पास जमीन से संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे मामलों में क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है. उन्होंने किसानों से जमीन संबंधी आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने को कहा.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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